#राजस्थान में सरकारी व #जोहड़,नदी-नालों,चरागाह भूमियों,सार्वजनिक रास्तों, शमशान और कब्रिस्तान सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण करने वालों की खैर नहीं; बेदखली के साथ दर्ज होंगे आपराधिक मुकदमे
जयपुर/राजस्थान #लालबहादुरभाखर #सार्वजनिक_रास्तों #RajasthanGovt #जोहड़ #illegalencroachments #कब्रिस्तान #चारागाह #RajasthanNews #श्मशान #PLPC #Rajasthangovernment
राजस्थान में चरागाह भूमियों, तालाबों, जोहड़, नदी-नालों, सार्वजनिक रास्तों और श्मशान/कब्रिस्तान जैसी सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ राज्य सरकार ने अब तक का सबसे सख्त रुख अपनाया है। उच्च न्यायालय के कड़े आदेशों और गंभीर रुख के बाद राजस्थान सरकार के राजस्व (ग्रुप-7) विभाग ने एक विशेष परिपत्र और शुद्धि आदेश जारी कर पूरे प्रदेश में प्रशासनिक और पुलिस महकमे को अलर्ट मोड पर डाल दिया है।
#फौजदारी मुकदमा और तुरंत बेदखली के निर्देश**
राजस्व विभाग द्वारा **परिपत्र क्रमांक प.3(227)राजस्व–7/2014** के तहत जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि सार्वजनिक व राजकीय भूमियों पर अतिक्रमण की प्रवृत्ति लगातार बढ़ रही है। इसे रोकने के लिए अब केवल बेदखली ही नहीं, बल्कि राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 की धारा 91 के तहत कब्जाधारियों के खिलाफ **फौजदारी (आपराधिक) मुकदमे** भी दर्ज कराए जाएंगे।
कोर्ट के स्थापित सिद्धांतों (*निज़ामुद्दीन बनाम बोर्ड ऑफ रेवेन्यू*) का हवाला देते हुए शासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण को एक **'जारी रहने वाला अपराध' (Continuing Offence)** माना जाएगा।
#PLPC को कड़े निर्देश और हाई कोर्ट के फैसलों का संदर्भ**
हाई कोर्ट की खंडपीठ द्वारा याचिका संख्या *6026/2026 (शीशराम बनाम राजस्थान सरकार)* में 30 अप्रैल 2026 को पारित अंतरिम आदेश के अनुपालन में सरकार ने पूर्व में जारी समस्त आदेशों (वर्ष 2017 से 2025 तक) को सख्ती से लागू करने को कहा है। जिला स्तर पर जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित **PLPC (Public Land Protection Cell)** को प्राप्त शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर करने के निर्देश दिए गए हैं।
#आदेश में संशोधन (शुद्धि आदेश)**
राजस्व विभाग ने 21 मई 2026 को एक शुद्धि आदेश जारी कर यह भी स्पष्ट किया है कि 19 मई 2026 को जारी परिपत्र के पृष्ठ संख्या-2 पर **"कैलाश चन्द्र कुमावत, वरिष्ठ शासन प्रमुख सचिव"** के स्थान पर **"कैलाश चन्द्र कुमावत, वरिष्ठ शासन उप सचिव"** पढ़ा जाए।
#इन उच्च अधिकारियों व विभागों को दी गई ज़िम्मेदारी**
इस कड़े आदेश की प्रतियां त्वरित कार्रवाई हेतु **अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह विभाग), पुलिस महानिदेशक (DGP), समस्त संभागीय आयुक्त, समस्त जिला कलेक्टर, समस्त पुलिस अधीक्षक (SP), निबंधक (राजस्व मण्डल अजमेर), भू-प्रबंध आयुक्त, तथा खुदकाश्त एवं जागीर विभाग** को भेज दी गई हैं।
Pilibanga, Hanumangarh | Jul 28, 2026