देहरादून पंडाल निर्माण के दौरान गिरा भारी पिलर, गंभीर रूप से घायल कांग्रेसी नेता अमर सिंह मेहता ने CMI अस्पताल में तोड़ा दम
देहरादून में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की तैयारियों के दौरान एक बड़ा और दर्दनाक हादसा सामने आया है। देहरादून के बन्नू स्कूल ग्राउंड में टेंट और पंडाल लगाने के काम के दौरान एक भारी लोहे का पिलर (गाडर) अचानक गिर गया, जिसकी चपेट में आने से वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता अमर सिंह मेहता की दुखद मौत हो गई। घटना के बाद कार्यक्रम स्थल पर हड़कंप मच गया और आनन-फानन में उन्हें लहूलुहान हालत में नजदीकी अस्पताल ले जाया गया।
घटना का विस्तृत विवरण
यह हादसा उस समय हुआ जब शुक्रवार को प्रस्तावित राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए जर्मन हैंगर स्ट्रक्चर और वाटरप्रूफ टेंट खड़ा किया जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, क्रेन के माध्यम से लोहे के भारी-भरकम गाडर को व्यवस्थित किया जा रहा था, तभी अचानक असंतुलन के कारण एक विशाल पिलर सीधे वहां व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे कांग्रेस नेता अमर सिंह मेहता के सिर पर जा गिरा। पिलर गिरते ही वह गंभीर रूप से चोटिल होकर जमीन पर गिर पड़े।
अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं और सेवादारों ने उन्हें अत्यंत गंभीर हालत में देहरादून के CMI अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टरों और न्यूरो सर्जन डॉ. महेश कुड़ियाल की देखरेख में आपातकालीन उपचार शुरू किया गया, लेकिन चोट इतनी गंभीर थी कि डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का हरसंभव प्रयास करने के बाद मृत घोषित कर दिया। मृतक अमर सिंह मेहता, कांग्रेस के महानगर महामंत्री आलोक मेहता के पिता थे। उनके निधन की खबर फैलते ही उत्तराखंड कांग्रेस के तमाम शीर्ष नेताओं और कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ गई है।
सुरक्षा व्यवस्था और लापरवाही पर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद से ही कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोग और स्थानीय नेता इस बात पर रोष जता रहे हैं कि जब क्रेन के जरिए इतने भारी पिलर और टेंट निर्माण का काम चल रहा था, तब वहां नेताओं और आम लोगों की आवाजाही को क्यों नहीं रोका गया। पुलिस और प्रशासन की टीमें अब इस बात की जांच में जुट गई हैं कि पंडाल के निर्माण कार्य में लगे वेंडर्स द्वारा सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। राहुल गांधी के इस महत्वपूर्ण दौरे से ठीक पहले हुए इस बड़े हादसे ने पूरी कांग्रेस पार्टी को झकझोर कर रख दिया है।