सरकारी टेंडर हासिल करने के लिए किस हद तक जालसाजी की जा सकती है, इसका एक सनसनीखेज मामला पन्ना और दमोह से सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ यानी ईओडब्ल्यू (EOW) सागर ने मेसर्स अमन इंटरप्राइजेज और दमोह के तत्कालीन कार्यपालन यंत्री (EE) एम.के. उमरिया के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।