Public App Logo
Jansamasya
हादसा
News
पुलिस
Maharashtra
Bjp
National
Police
Bihar
कांग्रेस
Accident
Congress
Modi
Delhi
Viral
Crime
Up
अमित_शाह
Bollywood
दिल्ली
Breakingnews
Narendramodi
Madhya_pradesh
Mp
Nsui
उत्तरप्रदेश
Pmmodi
Rahulgandhi
यूपी
Uttarpradesh

बालाघाट: उपाध्यक्ष, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, मध्यप्रदेश संजीव कांकर का ग्राम बघोली में आगमन किया गया भव्य

Balaghat, Balaghat | Jun 12, 2026
ग्राम बघोली में उपाध्यक्ष, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, मध्यप्रदेश संजीव कांकर के आगमन पर कुमार कावरे, पार्टी कार्यकर्ताओं एवं पूर्व मंत्री जी के परिवार के सदस्यों द्वारा शाल एवं श्रीफल भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत एवं सम्मान शुक्रवार लगभग दोपहर 2 बजे किया गया। इस अवसर पर कांकर जी का पूर्व मंत्री के निवास पर आगमन अत्यंत सुखद एवं प्रेरणादायक

MORE NEWS

#बालाघाट 
बालाघाट में सारस गणना 2026 सम्पन्न, जिले में 50 सारस पक्षियों की हुई गणना

     पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण के लिए निरंतर कार्यरत "सेवा"(Sustaining Environment and Wildlife Assemblage) संस्था ने दक्षिण एवं उत्तर वनमंडल बालाघाट, जिला पुरातत्व एवं संस्कृति परिषद तथा स्थानीय किसानों एवं सारस मित्रों के सहयोग से सारस गणना-2026 का सफल आयोजन किया। छह दिनों तक चले इस अभियान में जिले के 66 स्थानों पर वैज्ञानिक एवं पारंपरिक पद्धति से सारस पक्षियों की गणना की गई। 

      गणना के लिए 22 टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने सुबह 4:45 बजे से 9:00 बजे तक सारसों के विश्राम स्थलों एवं प्राकृतिक आवासों पर पहुंचकर प्रत्यक्ष अवलोकन के माध्यम से गणना की। प्रत्येक टीम में सेवा संस्था के सदस्य एवं वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे। संस्था द्वारा वर्षभर सारसों के आवास, प्रजनन स्थलों एवं भ्रमण मार्गों का अध्ययन किया जाता है तथा ग्रामीणों और विद्यार्थियों को सारस संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाता है। 

      संस्था ने बताया कि बालाघाट और महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के बीच बहने वाली वैनगंगा एवं बाघ नदी के कारण दोनों क्षेत्रों की जैव विविधता समान है। इसी वजह से कई सारस जोड़े दोनों राज्यों के बीच निर्बाध रूप से विचरण करते हैं, जो प्रकृति की एक अनूठी मिसाल है। गणना के आंकड़ों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए 19 से 25 जून तक प्रतिदिन सुबह और शाम सभी प्रमुख सारस आवासों का निरीक्षण भी किया गया। 

       गणना के अनुसार बालाघाट जिले में 50 तथा गोंदिया जिले में 32 सारस पक्षियों की उपस्थिति दर्ज की गई। पिछले वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2025 में 48 सारस दर्ज किए गए थे, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 50 हो गई है, जो संरक्षण प्रयासों की सकारात्मक उपलब्धि मानी जा रही है। वहीं पिछले चार वर्षों में सारस के घोंसलों की संख्या लगभग स्थिर बनी हुई है। 

      इस अभियान को सफल बनाने में मुख्य वन संरक्षक, दक्षिण एवं उत्तर वनमंडल के अधिकारियों, सेवा संस्था के पदाधिकारियों, जिला पुरातत्व एवं संस्कृति परिषद, वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों, स्थानीय किसानों, सारस मित्रों एवं स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सेवा संस्था ने सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी सारस संरक्षण एवं पर्यावरण संवर्धन के लिए जनसहभागिता बढ़ाने का संकल्प दोहराया।

#सारस_गणना_2026
#CMMadhyaPradesh 
#JansamparkMP 
#minforestmp

#बालाघाट बालाघाट में सारस गणना 2026 सम्पन्न, जिले में 50 सारस पक्षियों की हुई गणना पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण के लिए निरंतर कार्यरत "सेवा"(Sustaining Environment and Wildlife Assemblage) संस्था ने दक्षिण एवं उत्तर वनमंडल बालाघाट, जिला पुरातत्व एवं संस्कृति परिषद तथा स्थानीय किसानों एवं सारस मित्रों के सहयोग से सारस गणना-2026 का सफल आयोजन किया। छह दिनों तक चले इस अभियान में जिले के 66 स्थानों पर वैज्ञानिक एवं पारंपरिक पद्धति से सारस पक्षियों की गणना की गई। गणना के लिए 22 टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने सुबह 4:45 बजे से 9:00 बजे तक सारसों के विश्राम स्थलों एवं प्राकृतिक आवासों पर पहुंचकर प्रत्यक्ष अवलोकन के माध्यम से गणना की। प्रत्येक टीम में सेवा संस्था के सदस्य एवं वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे। संस्था द्वारा वर्षभर सारसों के आवास, प्रजनन स्थलों एवं भ्रमण मार्गों का अध्ययन किया जाता है तथा ग्रामीणों और विद्यार्थियों को सारस संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाता है। संस्था ने बताया कि बालाघाट और महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के बीच बहने वाली वैनगंगा एवं बाघ नदी के कारण दोनों क्षेत्रों की जैव विविधता समान है। इसी वजह से कई सारस जोड़े दोनों राज्यों के बीच निर्बाध रूप से विचरण करते हैं, जो प्रकृति की एक अनूठी मिसाल है। गणना के आंकड़ों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए 19 से 25 जून तक प्रतिदिन सुबह और शाम सभी प्रमुख सारस आवासों का निरीक्षण भी किया गया। गणना के अनुसार बालाघाट जिले में 50 तथा गोंदिया जिले में 32 सारस पक्षियों की उपस्थिति दर्ज की गई। पिछले वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2025 में 48 सारस दर्ज किए गए थे, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 50 हो गई है, जो संरक्षण प्रयासों की सकारात्मक उपलब्धि मानी जा रही है। वहीं पिछले चार वर्षों में सारस के घोंसलों की संख्या लगभग स्थिर बनी हुई है। इस अभियान को सफल बनाने में मुख्य वन संरक्षक, दक्षिण एवं उत्तर वनमंडल के अधिकारियों, सेवा संस्था के पदाधिकारियों, जिला पुरातत्व एवं संस्कृति परिषद, वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों, स्थानीय किसानों, सारस मित्रों एवं स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सेवा संस्था ने सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी सारस संरक्षण एवं पर्यावरण संवर्धन के लिए जनसहभागिता बढ़ाने का संकल्प दोहराया। #सारस_गणना_2026 #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #minforestmp

Balaghat, Madhya Pradesh | Jun 27, 2026

#बालाघाट 
क्षीरधारा ग्राम योजना के तहत गोंगलई में पशुपालकों को विभागीय योजनाओं की दी जानकारी, 

29 जून को लगेगा विशेष पशु स्वास्थ्य शिविर

      पशुपालन विभाग द्वारा संचालित क्षीरधारा ग्राम योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं पशुपालकों तक विभागीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से 27 जून 2026 को विकासखंड बालाघाट के ग्राम गोंगलई में उपसंचालक पशुपालन विभाग डॉ. अरुण नेमा ने क्षेत्रीय भ्रमण एवं निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों, किसानों एवं पशुपालकों से संवाद कर विभागीय योजनाओं की जानकारी दी तथा पशुपालन को अधिक लाभकारी बनाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।

       भ्रमण के दौरान डॉ. नेमा ने ग्राम पंचायत में सरपंच, सचिव एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर क्षीरधारा ग्राम योजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने पात्र पशुपालकों को योजनाओं से जोड़ने, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने तथा पशुपालकों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर सक्रिय सहयोग देने के निर्देश दिए। साथ ही विभागीय योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया।

     उन्होंने किसानों एवं पशुपालकों को वैज्ञानिक पशुपालन, सेक्स सॉर्टेड सीमेन के उपयोग, संतुलित पशु आहार, हरे चारे का उत्पादन, कृत्रिम गर्भाधान, नियमित टीकाकरण, कृमिनाशन, पशु स्वास्थ्य प्रबंधन एवं स्वच्छ दुग्ध उत्पादन की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान पशुपालकों की समस्याओं एवं सुझावों को भी गंभीरता से सुना गया।

       निरीक्षण के दौरान डॉ. नेमा ने विभिन्न पशुपालकों के घरों का भ्रमण कर पशुओं की स्वास्थ्य स्थिति, पोषण, आवास व्यवस्था एवं स्वच्छता का जायजा लिया। इसी क्रम में समुन्नत योजना के अंतर्गत श्री बबलू पटले को प्रदाय किए गए मुर्रा नर सांड का भौतिक सत्यापन किया गया तथा उसके रखरखाव एवं उपयोग की समीक्षा कर आवश्यक सुझाव दिए गए।

     उप संचालक डॉ. नेमा ने विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि सभी हितग्राहियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा योजनाओं की नियमित फील्ड मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।

       भ्रमण के दौरान पशुपालकों ने ग्राम में पशु स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की मांग रखी, जिस पर उपसंचालक डॉ. नेमा ने 29 जून 2026 को ग्राम गोंगलई में विशेष पशु स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाने की घोषणा की। उन्होंने पशुपालकों से अधिक से अधिक संख्या में अपने पशुओं के साथ शिविर में उपस्थित होकर उपचार, टीकाकरण, कृमिनाशन एवं तकनीकी परामर्श जैसी सेवाओं का लाभ लेने का आग्रह किया।

      इस अवसर पर डॉ. बादल पटले (विकासखंड नोडल अधिकारी), डॉ. पूजा धुर्वे (ग्राम नोडल अधिकारी) एवं श्रीमती छबी गोरमारे (सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्राधिकारी) सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि, पशुपालक एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। पशुपालन विभाग ने भविष्य में भी नियमित निरीक्षण, जनजागरूकता कार्यक्रम एवं स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से पशुपालकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने का संकल्प दोहराया।

#CMMadhyaPradesh #mp_husbandry  #JansamparkMP

#बालाघाट क्षीरधारा ग्राम योजना के तहत गोंगलई में पशुपालकों को विभागीय योजनाओं की दी जानकारी, 29 जून को लगेगा विशेष पशु स्वास्थ्य शिविर पशुपालन विभाग द्वारा संचालित क्षीरधारा ग्राम योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं पशुपालकों तक विभागीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से 27 जून 2026 को विकासखंड बालाघाट के ग्राम गोंगलई में उपसंचालक पशुपालन विभाग डॉ. अरुण नेमा ने क्षेत्रीय भ्रमण एवं निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों, किसानों एवं पशुपालकों से संवाद कर विभागीय योजनाओं की जानकारी दी तथा पशुपालन को अधिक लाभकारी बनाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया। भ्रमण के दौरान डॉ. नेमा ने ग्राम पंचायत में सरपंच, सचिव एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर क्षीरधारा ग्राम योजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने पात्र पशुपालकों को योजनाओं से जोड़ने, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने तथा पशुपालकों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर सक्रिय सहयोग देने के निर्देश दिए। साथ ही विभागीय योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया। उन्होंने किसानों एवं पशुपालकों को वैज्ञानिक पशुपालन, सेक्स सॉर्टेड सीमेन के उपयोग, संतुलित पशु आहार, हरे चारे का उत्पादन, कृत्रिम गर्भाधान, नियमित टीकाकरण, कृमिनाशन, पशु स्वास्थ्य प्रबंधन एवं स्वच्छ दुग्ध उत्पादन की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान पशुपालकों की समस्याओं एवं सुझावों को भी गंभीरता से सुना गया। निरीक्षण के दौरान डॉ. नेमा ने विभिन्न पशुपालकों के घरों का भ्रमण कर पशुओं की स्वास्थ्य स्थिति, पोषण, आवास व्यवस्था एवं स्वच्छता का जायजा लिया। इसी क्रम में समुन्नत योजना के अंतर्गत श्री बबलू पटले को प्रदाय किए गए मुर्रा नर सांड का भौतिक सत्यापन किया गया तथा उसके रखरखाव एवं उपयोग की समीक्षा कर आवश्यक सुझाव दिए गए। उप संचालक डॉ. नेमा ने विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि सभी हितग्राहियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा योजनाओं की नियमित फील्ड मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। भ्रमण के दौरान पशुपालकों ने ग्राम में पशु स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की मांग रखी, जिस पर उपसंचालक डॉ. नेमा ने 29 जून 2026 को ग्राम गोंगलई में विशेष पशु स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाने की घोषणा की। उन्होंने पशुपालकों से अधिक से अधिक संख्या में अपने पशुओं के साथ शिविर में उपस्थित होकर उपचार, टीकाकरण, कृमिनाशन एवं तकनीकी परामर्श जैसी सेवाओं का लाभ लेने का आग्रह किया। इस अवसर पर डॉ. बादल पटले (विकासखंड नोडल अधिकारी), डॉ. पूजा धुर्वे (ग्राम नोडल अधिकारी) एवं श्रीमती छबी गोरमारे (सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्राधिकारी) सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि, पशुपालक एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। पशुपालन विभाग ने भविष्य में भी नियमित निरीक्षण, जनजागरूकता कार्यक्रम एवं स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से पशुपालकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने का संकल्प दोहराया। #CMMadhyaPradesh #mp_husbandry #JansamparkMP

Balaghat, Madhya Pradesh | Jun 27, 2026

#बालाघाट 
बालाघाट और कटंगी में कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण, सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

     कलेक्टर श्री मृणाल मीना एवं अनुविभागीय अधिकारी श्री गोपाल सोनी के निर्देशानुसार जिले में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में 26 जून को तहसीलदार श्रीमती मंजुला महोबिया ने तहसील बालाघाट अंतर्गत संचालित कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों का जायजा लिया।

    निरीक्षण के दौरान भोपाल एकेडमी, लक्ष्य एकेडमी एवं संकल्प ऑक्सीजन कोचिंग संस्थान में आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट), अग्निशमन यंत्र (फायर सेफ्टी), सुरक्षा व्यवस्थाओं एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया। तहसीलदार ने संचालकों को सभी सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

       इसी कड़ी में 27 जून को अनुविभागीय अधिकारी कटंगी श्री के.सी. ठाकुर के निर्देश पर तहसीलदार श्री शांडिल्य ने बीआरसी श्री कुशराम के साथ तहसील कटंगी के विभिन्न कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा मानकों, आपातकालीन निकास एवं अग्नि सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की जांच की गई तथा सभी संस्थानों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

      प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। सभी कोचिंग संस्थानों को आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने तथा शासन द्वारा निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। भविष्य में भी इस प्रकार के निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे।

#CMMadhyaPradesh 
#JansamparkMP 
#highereducation

#बालाघाट बालाघाट और कटंगी में कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण, सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के दिए निर्देश कलेक्टर श्री मृणाल मीना एवं अनुविभागीय अधिकारी श्री गोपाल सोनी के निर्देशानुसार जिले में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में 26 जून को तहसीलदार श्रीमती मंजुला महोबिया ने तहसील बालाघाट अंतर्गत संचालित कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान भोपाल एकेडमी, लक्ष्य एकेडमी एवं संकल्प ऑक्सीजन कोचिंग संस्थान में आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट), अग्निशमन यंत्र (फायर सेफ्टी), सुरक्षा व्यवस्थाओं एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया। तहसीलदार ने संचालकों को सभी सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इसी कड़ी में 27 जून को अनुविभागीय अधिकारी कटंगी श्री के.सी. ठाकुर के निर्देश पर तहसीलदार श्री शांडिल्य ने बीआरसी श्री कुशराम के साथ तहसील कटंगी के विभिन्न कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा मानकों, आपातकालीन निकास एवं अग्नि सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की जांच की गई तथा सभी संस्थानों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। सभी कोचिंग संस्थानों को आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने तथा शासन द्वारा निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। भविष्य में भी इस प्रकार के निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #highereducation

Balaghat, Madhya Pradesh | Jun 27, 2026

#बालाघाट 
मंगोली खुर्द में रेत के अवैध भंडारण पर प्रशासन की बड़ी  कार्यवाही 

96 ट्रॉली रेत जब्त की गई 

      बालाघाट जिले में अवैध खनिज के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आज 27 जून को राजस्व और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने किरनापुर तहसील के ग्राम मंगोली खुर्द में बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में शासकीय भूमि पर अवैध रूप से भंडारित रेत का बड़ा जखीरा बरामद किया गया है।

      शासकीय भूमि पर कब्जा कर रखा था रेत  का ढेर

   उप संचालक खनिज सुश्री फरहत जहां ने बताया कि प्रशासनिक अमले को सूचना मिली थी कि मंगोली खुर्द क्षेत्र में अवैध रेत का भंडारण किया गया है। सूचना मिलते ही राजस्व और खनिज विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से मौके पर छापा मारा। जांच के दौरान ग्राम मंगोली खुर्द के खसरा क्रमांक 113/1/1 की शासकीय भूमि पर भारी मात्रा में रेत का भंडारण पाया गया।

               96 ट्रॉली रेत लावारिश हालत में मिली

     मौके पर पहुंची टीम को लगभग 96 ट्रॉली रेत लावारिश अवस्था में मिली। जांच के दौरान वहां मौजूद किसी भी व्यक्ति ने रेत के वैध होने संबंधी कोई दस्तावेज या शासन से प्राप्त अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं किया। खनिज के अवैध भंडारण की पुष्टि होने पर प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से उक्त रेत को अपने कब्जे में ले लिया है।

            कोटवार की सुपुर्दगी में दी गई सामग्री

      वैधानिक अनुमति न पाए जाने पर प्रशासन ने म.प्र. खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण का निवारण) नियम 2022 के तहत रेत को जब्त कर लिया है। सुरक्षा की दृष्टि से जब्त की गई रेत को स्थानीय ग्राम कोटवार की अभिरक्षा और देखरेख में सौंप दिया गया है।

      नियमों के तहत होगी निवर्तन की कार्रवाई

      प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब्त की गई रेत के संबंध में आगामी निवर्तन की कार्रवाई म.प्र. खनिज नियम 2022 के प्रावधानों के अनुरूप की जाएगी। अवैध खनिज माफियाओं के खिलाफ जिले में जारी इस सख्ती से हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ इस तरह की छापामार कार्रवाई जारी रहेगी।

#CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #mineraldeptmp

#बालाघाट मंगोली खुर्द में रेत के अवैध भंडारण पर प्रशासन की बड़ी कार्यवाही 96 ट्रॉली रेत जब्त की गई बालाघाट जिले में अवैध खनिज के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आज 27 जून को राजस्व और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने किरनापुर तहसील के ग्राम मंगोली खुर्द में बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में शासकीय भूमि पर अवैध रूप से भंडारित रेत का बड़ा जखीरा बरामद किया गया है। शासकीय भूमि पर कब्जा कर रखा था रेत का ढेर उप संचालक खनिज सुश्री फरहत जहां ने बताया कि प्रशासनिक अमले को सूचना मिली थी कि मंगोली खुर्द क्षेत्र में अवैध रेत का भंडारण किया गया है। सूचना मिलते ही राजस्व और खनिज विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से मौके पर छापा मारा। जांच के दौरान ग्राम मंगोली खुर्द के खसरा क्रमांक 113/1/1 की शासकीय भूमि पर भारी मात्रा में रेत का भंडारण पाया गया। 96 ट्रॉली रेत लावारिश हालत में मिली मौके पर पहुंची टीम को लगभग 96 ट्रॉली रेत लावारिश अवस्था में मिली। जांच के दौरान वहां मौजूद किसी भी व्यक्ति ने रेत के वैध होने संबंधी कोई दस्तावेज या शासन से प्राप्त अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं किया। खनिज के अवैध भंडारण की पुष्टि होने पर प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से उक्त रेत को अपने कब्जे में ले लिया है। कोटवार की सुपुर्दगी में दी गई सामग्री वैधानिक अनुमति न पाए जाने पर प्रशासन ने म.प्र. खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण का निवारण) नियम 2022 के तहत रेत को जब्त कर लिया है। सुरक्षा की दृष्टि से जब्त की गई रेत को स्थानीय ग्राम कोटवार की अभिरक्षा और देखरेख में सौंप दिया गया है। नियमों के तहत होगी निवर्तन की कार्रवाई प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब्त की गई रेत के संबंध में आगामी निवर्तन की कार्रवाई म.प्र. खनिज नियम 2022 के प्रावधानों के अनुरूप की जाएगी। अवैध खनिज माफियाओं के खिलाफ जिले में जारी इस सख्ती से हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ इस तरह की छापामार कार्रवाई जारी रहेगी। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #mineraldeptmp

Balaghat, Madhya Pradesh | Jun 27, 2026

#बालाघाट 
पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण के लिए निरंतर कार्यरत "सेवा"(Sustaining Environment and Wildlife Assemblage) संस्था ने दक्षिण एवं उत्तर वनमंडल बालाघाट, जिला पुरातत्व एवं संस्कृति परिषद तथा स्थानीय किसानों एवं सारस मित्रों के सहयोग से सारस गणना-2026 का सफल आयोजन किया।

facebook.com/share/p/1NcrGW…
     
#सारस_गणना_2026
#CMMadhyaPradesh 
#JansamparkMP 
#minforestmp

#बालाघाट पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण के लिए निरंतर कार्यरत "सेवा"(Sustaining Environment and Wildlife Assemblage) संस्था ने दक्षिण एवं उत्तर वनमंडल बालाघाट, जिला पुरातत्व एवं संस्कृति परिषद तथा स्थानीय किसानों एवं सारस मित्रों के सहयोग से सारस गणना-2026 का सफल आयोजन किया। facebook.com/share/p/1NcrGW… #सारस_गणना_2026 #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #minforestmp

Balaghat, Madhya Pradesh | Jun 27, 2026