पराली,फसल अवशेष जलाने पर जहां प्रतिबंध लगा है वहीं भीतरगांव के साढ़,पचनगढ़,नेवादा उजागर आदि गांवों में चल रही काला नमक फैक्ट्रियों में प्लास्टिक और पुराने टायर जलाकर पर्यावरण को प्रदूषित किया जा रहा है।फैक्ट्रियों के आधा किलोमीटर परिसर में जहरीला धुआं धुंध की तरह छाया रहता है। क्षेत्र के शैलेश ने गुरुवार शाम 6 बजे बताया शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई।