जिले की एक कमार महिला जो कि खुद गरीब और अनपढ़ है मगर पढ़ने लिखने वाले छात्र छात्राओं स्कूल टीचरों का वह खूब सम्मान करती है बल्कि खुद भी स्कूल पहुंचकर स्कूल की प्रार्थना में खड़ी होती है अलावा जो उससे बनता है वह स्कूल और स्कूली बच्चों के लिए सहयोग भी करती है आपको बता दें कि अभी उसने स्कूल में आयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में 40 किलो चांवल और 1 क्विंटल आलू