4 दिसंबर सुबह ग्यारह बजे शहीद आदिवासी जननायक टंट्या भील की तस्वीर पर माल्यार्पण कर, टंट्या भील के जीवन गाथा एवं संघर्षों को याद किया, आदिवासी समाज जन ने साथ ही देश हितों ओर समाज हितों में किए गए कार्य ,त्याग बलिदान, और सामंतवाद साहूकारों, जमीदारों, के खिलाफ संघर्ष ओर अंग्रेजों से, तोप गोले ,बंदूक का सामना तीर कमान से किया उनकी गाथा का बखान किया।