उज्जैन के घट्टिया विकासखंड के गांव जैथल में रहने वाली श्रीमती कविता चौधरी की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर थी। वे अपने परिवार के साथ एक कच्चे मकान में रहा करती थी। वे मजदूरी कर अपने घर का खर्च बड़ी कठिनाई से वहन कर पा रही थीं। कुछ समय बाद वे आजीविका मिशन के अंतर्गत गणेश स्वसहायता समूह से जुडी, जिसके पश्चात उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया।