हजरत मस्तान शाह रहमतुल्लाह अलैह के 53वें उर्स का दूसरा दिन श्रद्धा और सौहार्द के साथ मनाया गया। शुक्रवार रात दरगाह पर हिंदू और मुस्लिम अकीदतमंदों ने एक साथ चादर पेश की। ढोल-नगाड़ों, सलाम और नात के बीच निकली चादर ने गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे का संदेश दिया। अकीदतमंदों ने दरगाह पर देश में अमन, चैन और खुशहाली की दुआ मांगी।