जिले में दो माह का राशन एक साथ बांटने का सरकारी प्रयोग जमीनी स्तर पर बुरी तरह लड़खड़ाता नजर आ रह्य है। तकनीकी अव्यवस्था, सर्वर डाउन, फिंगरप्रिंट मिसमैच और पीओएस मशीनों की खराबी ने राशन वितरण व्यवस्था की पोल खोल दी है। हालत यह है कि जिले के 3 लाख 48 हजार 79 राशन कार्डधारकों में से अब तक सिर्फ 1 लाख 98 हजार 471 उपभोक्ताओं को ही राशन मिल पाया है