इस अवसर पर कमल पटेल ने स्वदेशी अवधारणा को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जहां पूरा विश्व हथियारों की लड़ाई से तीसरे विश्व युद्ध की ओर बढ़ रहा है, वहीं व्यापारिक कूटनीति से भी युद्ध जारी हैं। ऐसे में स्वदेशी क्रय-विक्रय और रोजगार की भावना 'ब्रह्मोस मिसाइल' का कार्य करती है, जो आर्थिक युद्ध में विजय दिलाती है।