खरगोन जिले में बड़ी संख्या में किसान आज भी सोयाबीन पारंपरिक किस्मों की बुवाई कर रहे हैं. इन किस्मों की उत्पादन क्षमता कम होने के साथ कई बार रोग और मौसम का असर भी ज्यादा देखने को मिलता है. ऐसे में कृषि वैज्ञानिक किसानों को नई और उन्नत किस्मों को अपनाने की सलाह दे रहे हैं, जो कम समय में अधिक उत्पादन देने की क्षमता रखती हैं.