मानवीय संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय का एक अनुकरणीय उदाहरण जिले के लोहारा तहसील में देखने को मिला। कलेक्टर गोपाल वर्मा के निर्देशन में जिला प्रशासन ने यह साबित किया कि शासन-प्रशासन केवल नियमों से नहीं, बल्कि मानवीय भावनाओं से भी संचालित होता है। ग्राम दनियाखुर्द (बनिया) के कोटवार की आकस्मिक निधन के बाद जब ग्रामवासियों में गहरा शोक व्याप्त था, तब