"किसी अपने को खोने का दर्द शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता... लेकिन जब उसकी अंतिम यात्रा भी कीचड़ और बदहाल रास्तों से होकर गुज़रे, तो यह सिर्फ एक परिवार नहीं, पूरे समाज की पीड़ा बन जाती है।
बालाघाट के चिरचिरा गांव की यह तस्वीर कई सवाल खड़े करती है। क्या आज भी लोगों को सम्मानजनक अंतिम विदाई के लिए संघर्ष करना पड़ेगा? आखिर जिम्मेदार कब जागेंगे?
.
.
.
#Balaghat #Chirchira #GroundReality #Humanity