ताज साहित्य उत्सव के फिल्म, साहित्य और संगीत सत्र में अभिनेता राजपाल यादव ने कहा कि हर इंसान अपने अंदर अपार शक्ति और प्रतिभा समेटे है, जरूरत है खुद को पहचानने की। उन्होंने हास्य को सभी रसों का सार बताते हुए कहा कि हंसी के बिना जीवन नीरस है। गीतकार पंछी जालौनवी ने बदलते गीत लेखन पर विचार रखे। सत्र में साहित्य, संगीत और सिनेमा का सार्थक संगम देखने को मिला