श्री विश्वेश्वर बालाजी महाराज के पावन परिसर में आयोजित सप्ताहव्यापी श्रीमद् भागवत कथा का सातवें दिवस श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ भव्य समापन हुआ। कथा वाचन पं. घनश्याम शास्त्री के ओजस्वी मुखारविंद से हुआ, जिसे सुनकर बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा के दौरान गुरु की महिमा का विशेष वर्णन करते हुए शास्त्री ने बताया कि “गु” का अर्थ अंधक