कवाई कस्बे में मिडिया प्रभारी राधेश्याम सेन के अनुसार आज छठे दिवस में महाशिवपुराण के अंतर्गत व्यास पीठ से वाचन करते हुए बंशीनाथ जी योगी महाराज ने बताया कि जालंधर शंकर भगवान का बहुत बड़ा भक्त था और उसकी पत्नी वृंदा विष्णु भगवान की बहुत बड़ी भक्ति थी भक्ति थी जालंधर एक शक्तिशाली असुर था जिसे भगवान शंकर की घोर तपस्या की और भगवान शंकर से वरदान मांगा ।