ग्वालियर गिर्द: पुलिस आरक्षक को कोर्ट से राहत नहीं, युवती से अभद्रता के आरोप में बरी
हाईकोर्ट ने कहा है कि आपराधिक मामले में से बरी होने से पुलिस कर्मचारी की विभागीय बर्खास्तगी स्वतः समाप्त नहीं हो जाती।कोर्ट ने कहा कि विभागीय जांच और आपराधिक मुकदमे में साक्ष्य परखने के मानक अलग-अलग होते है।इसलिए दोनों के परिणाम भी अलग हो सकते है।मामला रीवा में पदस्थ रहे आरक्षक रामफल का है। वर्ष 2017 में उस पर ऑटो में सफर कर रही युवती से अभद्रता करने का आरोप