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मूसलाधार बारिश का कहर: चंबा के कई इलाकों में भारी नुकसान, प्रशासन अलर्ट

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सोलन पुलिस रात्रि गश्त पर... सोलन के कोटलानाला में नाका लगाकर उल्लंघनकर्ताओं को सिखाया सबक।

सोलन पुलिस रात्रि गश्त पर... सोलन के कोटलानाला में नाका लगाकर उल्लंघनकर्ताओं को सिखाया सबक।

Solan, Solan | Aug 2, 2026

शुरू हो गई है बारिश

शुरू हो गई है बारिश

Solan, Solan | Aug 2, 2026

नशे के खिलाफ सोलन पुलिस की बड़ी कार्रवाई...
₹47.76 लाख की संदिग्ध संपत्ति, बैंक जमा, निवेश और अचल संपत्ति फ्रीज...

हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में एंटी चिट्टा अभियान के तहत जिला पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस मामले में व्यापक वित्तीय जांच के बाद **47.76 लाख रुपये से अधिक की संदिग्ध संपत्ति, बैंक जमा राशि, वित्तीय निवेश और अचल संपत्तियों को फ्रीज** किया है। यह कार्रवाई **एनडीपीएस एक्ट के अध्याय V-A** के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों को चिन्हित कर उन पर कानूनी कार्रवाई करना और तस्करों के आर्थिक नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना है।

यह मामला **थाना दाड़लाघाट में दर्ज एफआईआर नंबर 13/2026** से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार 10 मार्च 2026 को जिला पुलिस की एसआईयू टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कराड़ाघाट के समीप नाकाबंदी के दौरान एक ट्रक और एक आल्टो कार को जांच के लिए रोका। तलाशी के दौरान ट्रक से **1.980 किलोग्राम चरस और 935 ग्राम अफीम** बरामद हुई। मौके पर ट्रक चालक **कमलेश कुमार** को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि आल्टो कार चला रहा **मनोज कुमार** अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।

जांच आगे बढ़ने पर तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल सबूतों से यह सामने आया कि मनोज कुमार नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभा रहा था और ट्रक को अपनी कार से पायलट कर रहा था। लगातार तकनीकी निगरानी और दबिश के बाद पुलिस ने **23 मार्च 2026** को मनोज कुमार को सोलन शहर से गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले की गहन वित्तीय जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि **1 जनवरी 2023 से 10 मार्च 2026** के बीच मनोज कुमार के बैंक खाते में लगभग **2.05 करोड़ रुपये** का संदिग्ध लेन-देन हुआ, जो उसकी ज्ञात वैध आय के अनुरूप नहीं पाया गया। इसके अलावा उसकी पत्नी के खाते में लगभग **58 लाख रुपये** के लेन-देन, फिक्स्ड डिपॉजिट और अन्य निवेश भी जांच के दायरे में आए। पुलिस जांच में यह भी पता चला कि आरोपी के फरार होने के बाद कुछ फिक्स्ड डिपॉजिट समय से पहले तुड़वाए गए।

जांच के दौरान आरोपी की बहन और पिता के बैंक खातों में भी लाखों रुपये के संदिग्ध लेन-देन और बार-बार नकद जमा होने के तथ्य सामने आए। इसके अतिरिक्त बिलासपुर जिले के मौजा भड़ोग में खरीदी गई लगभग **5 बिस्वा भूमि**, पोस्टल निवेश, आईपीपीबी खाते, सुकन्या समृद्धि योजना और अन्य वित्तीय निवेशों की भी जांच की गई।

पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि मामले का मुख्य सप्लायर **दत्त राम**, जो वर्तमान में फरार है और जिसके खिलाफ उद्घोषणा आदेश जारी हैं, उसके परिवार के बैंक खातों में भी मनोज कुमार और उसकी पत्नी से जुड़े कई संदिग्ध वित्तीय लेन-देन हुए हैं। इससे दोनों परिवारों के बीच आर्थिक संबंधों के संकेत मिले हैं।

व्यापक वित्तीय जांच के बाद पुलिस ने **मनोज कुमार और उसके परिवार से संबंधित लगभग 45.32 लाख रुपये** तथा **मुख्य सप्लायर दत्त राम और उसके परिवार से संबंधित लगभग 2.44 लाख रुपये** की संदिग्ध बैंकिंग परिसंपत्तियां, वित्तीय निवेश और अचल संपत्तियों को फ्रीज कर दिया। इस प्रकार कुल **47.76 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति** को चिन्हित कर आगे की कार्रवाई के लिए **कंपीटेंट अथॉरिटी एंड एडमिनिस्ट्रेटर, नई दिल्ली** को भेज दिया गया है।

जिला पुलिस के अनुसार वर्ष **2026** में अब तक **दो एनडीपीएस मामलों में 13 आरोपियों और सहयोगियों की 1.15 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति फ्रीज** की जा चुकी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशा तस्करों के आर्थिक नेटवर्क की पहचान, अवैध संपत्तियों की फ्रीजिंग और जब्ती की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

सोलन पुलिस का कहना है कि एंटी चिट्टा अभियान के तहत केवल नशा तस्करों की गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि उनकी अवैध कमाई पर भी सख्ती से कार्रवाई की जा रही है, ताकि नशे के कारोबार की आर्थिक जड़ें पूरी तरह खत्म की जा सकें।

नशे के खिलाफ सोलन पुलिस की बड़ी कार्रवाई... ₹47.76 लाख की संदिग्ध संपत्ति, बैंक जमा, निवेश और अचल संपत्ति फ्रीज... हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में एंटी चिट्टा अभियान के तहत जिला पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस मामले में व्यापक वित्तीय जांच के बाद **47.76 लाख रुपये से अधिक की संदिग्ध संपत्ति, बैंक जमा राशि, वित्तीय निवेश और अचल संपत्तियों को फ्रीज** किया है। यह कार्रवाई **एनडीपीएस एक्ट के अध्याय V-A** के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों को चिन्हित कर उन पर कानूनी कार्रवाई करना और तस्करों के आर्थिक नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना है। यह मामला **थाना दाड़लाघाट में दर्ज एफआईआर नंबर 13/2026** से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार 10 मार्च 2026 को जिला पुलिस की एसआईयू टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कराड़ाघाट के समीप नाकाबंदी के दौरान एक ट्रक और एक आल्टो कार को जांच के लिए रोका। तलाशी के दौरान ट्रक से **1.980 किलोग्राम चरस और 935 ग्राम अफीम** बरामद हुई। मौके पर ट्रक चालक **कमलेश कुमार** को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि आल्टो कार चला रहा **मनोज कुमार** अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। जांच आगे बढ़ने पर तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल सबूतों से यह सामने आया कि मनोज कुमार नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभा रहा था और ट्रक को अपनी कार से पायलट कर रहा था। लगातार तकनीकी निगरानी और दबिश के बाद पुलिस ने **23 मार्च 2026** को मनोज कुमार को सोलन शहर से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले की गहन वित्तीय जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि **1 जनवरी 2023 से 10 मार्च 2026** के बीच मनोज कुमार के बैंक खाते में लगभग **2.05 करोड़ रुपये** का संदिग्ध लेन-देन हुआ, जो उसकी ज्ञात वैध आय के अनुरूप नहीं पाया गया। इसके अलावा उसकी पत्नी के खाते में लगभग **58 लाख रुपये** के लेन-देन, फिक्स्ड डिपॉजिट और अन्य निवेश भी जांच के दायरे में आए। पुलिस जांच में यह भी पता चला कि आरोपी के फरार होने के बाद कुछ फिक्स्ड डिपॉजिट समय से पहले तुड़वाए गए। जांच के दौरान आरोपी की बहन और पिता के बैंक खातों में भी लाखों रुपये के संदिग्ध लेन-देन और बार-बार नकद जमा होने के तथ्य सामने आए। इसके अतिरिक्त बिलासपुर जिले के मौजा भड़ोग में खरीदी गई लगभग **5 बिस्वा भूमि**, पोस्टल निवेश, आईपीपीबी खाते, सुकन्या समृद्धि योजना और अन्य वित्तीय निवेशों की भी जांच की गई। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि मामले का मुख्य सप्लायर **दत्त राम**, जो वर्तमान में फरार है और जिसके खिलाफ उद्घोषणा आदेश जारी हैं, उसके परिवार के बैंक खातों में भी मनोज कुमार और उसकी पत्नी से जुड़े कई संदिग्ध वित्तीय लेन-देन हुए हैं। इससे दोनों परिवारों के बीच आर्थिक संबंधों के संकेत मिले हैं। व्यापक वित्तीय जांच के बाद पुलिस ने **मनोज कुमार और उसके परिवार से संबंधित लगभग 45.32 लाख रुपये** तथा **मुख्य सप्लायर दत्त राम और उसके परिवार से संबंधित लगभग 2.44 लाख रुपये** की संदिग्ध बैंकिंग परिसंपत्तियां, वित्तीय निवेश और अचल संपत्तियों को फ्रीज कर दिया। इस प्रकार कुल **47.76 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति** को चिन्हित कर आगे की कार्रवाई के लिए **कंपीटेंट अथॉरिटी एंड एडमिनिस्ट्रेटर, नई दिल्ली** को भेज दिया गया है। जिला पुलिस के अनुसार वर्ष **2026** में अब तक **दो एनडीपीएस मामलों में 13 आरोपियों और सहयोगियों की 1.15 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति फ्रीज** की जा चुकी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशा तस्करों के आर्थिक नेटवर्क की पहचान, अवैध संपत्तियों की फ्रीजिंग और जब्ती की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। सोलन पुलिस का कहना है कि एंटी चिट्टा अभियान के तहत केवल नशा तस्करों की गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि उनकी अवैध कमाई पर भी सख्ती से कार्रवाई की जा रही है, ताकि नशे के कारोबार की आर्थिक जड़ें पूरी तरह खत्म की जा सकें।

Solan, Solan | Aug 2, 2026