गौ सम्मान आवाह्न में पदाधिकारी डमरू बजाकर पहुंचे कलेक्ट्रेट,सौंपा ज्ञापन।
यूपी के शाहजहांपुर में गौ सम्मान आह्वान अभियान के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने गौवध पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने,प्रत्येक ग्राम पंचायत पर नंदीशाला बनाने और हाइवे पर गो वाहिनी एंबुलेंस सेवा शुरू करने सहित कई मांगें रखीं,प्रदर्शन के दौरान पदाधिकारियों ने डमरू भी बजाया।
पदाधिकारियों ने मांग की है कि उत्तर प्रदेश सरकार केंद्र सरकार को संविधान के अनुच्छेद 48 में आवश्यक संशोधन कर 'केन्द्रीय गो सेवा एवं संरक्षण अधिनियम' लागू करने तथा पृथक गोमोचन मंत्रालय की स्थापना के लिए अनुशंसा भेजे,उनका उद्देश्य संपूर्ण राष्ट्र में गौवध पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करना है साथ ही राज्य स्तर पर समस्त वधशालाओं (कसाईखानों) के लाइसेंस तुरंत निरस्त कर वध पर कठोर कार्रवाई की जाए।
अभियान ने यह भी मांग की गयी है कि केंद्र सरकार एक विशेष संकल्प पारित कर देशी गोवंश को 'राष्ट्रमाता' या 'राष्ट्र आराध्या' के रूप में आधिकारिक संवैधानिक मान्यता प्रदान करे और उन्हें विशेष राष्ट्रीय संरक्षण दिया जाए,इसी प्रकार राज्य स्तर पर भी देशी गोवंश को 'राज्य माता' या 'राज्य-आराध्या' घोषित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया जाए।
संगठन ने प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर नंदीशाला और जिला स्तर पर न्यूनतम एक 'आदर्श गो अभ्यारण्य'अथवा 'वृहद गोशाला' की स्थापना अनिवार्य करने की बात कही,जहाँ निराश्रित गोवंश को ससम्मान आश्रय मिल सके,इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों पर प्रति 50 से 100 किलोमीटर पर सुसज्जित 'गो-वाहिनी एम्बुलेंस' और 150 से 200 किलोमीटर के अंतराल पर आधुनिक ट्रॉमा सेंटरों की व्यवस्था की जाए ताकि दुर्घटनाग्रस्त गोवंश को तत्काल उपचार मिल सके।
शिक्षा एवं सामाजिक सुधार के तहत स्कूली पाठ्यक्रमों में 'गो-विज्ञान' को अनिवार्य विषय के रूप में शामिल करने की मांग की गई,जिससे भावी पीढ़ी गोवंश के आध्यात्मिक, वैज्ञानिक,औषधीय और आर्थिक महत्व को समझ सके।
एक सुदृढ़ 'चारा सुरक्षा कानून' बनाकर चारे के औद्योगिक उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगे,चारे के अवैध भंडारण एवं अनियंत्रित मूल्य वृद्धि को रोका जाए साथ ही समस्त गोचर, ओरण और वन भूमियों को अतिक्रमण मुक्त कर 'गोचर विकास बोर्ड' के अधीन आरक्षित किया जाए,जिससे गोवंश के लिए वर्षभर गोचारण की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।