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आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बिहार में छात्र आंदोलन को लेकर केंद्र और बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए सवाल किया, "क्या ये छात्र आतंकवादी हैं?" और आरोप लगाया कि छात्रों पर AK-47 से गोलियां चलाई गईं। केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (सम्राट चौधरी का भी उल्लेख करते हुए) से जवाब मांगते हुए कहा कि लोकतंत्र में छात्रों की आवाज़ को बल प्रयोग से दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने लोकनायक जयप्रकाश नारायण के आंदोलन का हवाला देते हुए सरकार से छात्रों के साथ टकराव से बचने की अपील की। नोट: इस खबर में AK-47 से गोली चलने का उल्लेख अरविंद केजरीवाल के सार्वजनिक आरोप/दावे के आधार पर है। इसकी स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि इस सामग्री से नहीं होती। #breakingnews #breaking #newsupdate #latestnews #uppolice

Bahraich, Bahraich | Jul 28, 2026

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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने 20 जुलाई को हुए CJP प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि जिसने भी कानून हाथ में लिया या किसी प्रकार की ज्यादती की है, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता।
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन एक महत्वपूर्ण अधिकार है, लेकिन प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। अदालत ने देशभर में विरोध-प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई के लिए स्पष्ट और एक समान प्रोटोकॉल तैयार करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
फिलहाल मामले की सुनवाई जारी है और अदालत ने कानून के शासन तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता दोहराई।
नोट: इस खबर में "CJP" और अदालत की टिप्पणियाँ आपके साझा किए गए स्क्रीनशॉट पर आधारित हैं। प्रकाशित करने से पहले सुप्रीम कोर्ट के आधिकारिक आदेश या विश्वसनी�

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने 20 जुलाई को हुए CJP प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि जिसने भी कानून हाथ में लिया या किसी प्रकार की ज्यादती की है, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन एक महत्वपूर्ण अधिकार है, लेकिन प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। अदालत ने देशभर में विरोध-प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई के लिए स्पष्ट और एक समान प्रोटोकॉल तैयार करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। फिलहाल मामले की सुनवाई जारी है और अदालत ने कानून के शासन तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता दोहराई। नोट: इस खबर में "CJP" और अदालत की टिप्पणियाँ आपके साझा किए गए स्क्रीनशॉट पर आधारित हैं। प्रकाशित करने से पहले सुप्रीम कोर्ट के आधिकारिक आदेश या विश्वसनी�

Bahraich, Bahraich | Jul 28, 2026