जिले में कुछ चिकित्सक जानबूझकर गंदी लिखावट लिखते है, ताकि सभी मेडिकल व्यवसायी उनकी लिखावट नहीं समझ सके। कुछ चिकित्सकों ने तो अपने मेडिकल खोल रखे है और दवाओं का स्टाकिस्ट भी उसे बना रखा है। इससे बाजार में उनकी लिखी दवा मिलती नहीं और मजबूरन निर्धारित दुकान से खरीदना पडती है। हडडी और चर्म रोग के चिकित्सक ये काम ज्यादा कर रहे है। यह विषय जिला औषधि विक्रेता संघ ।