पिपरिया धान मंडी में व्यवस्था नहीं, अराजकता हावी है। पोड़ी उपरोड़ा की इस मंडी में आदिवासी किसान सुबह से रात तक भटकने को मजबूर हैं। न कुर्सी, न पानी, न छांव — सरकार के दावों की यहां खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं। किसानों से ही बोरे उठवाए जा रहे हैं, लाइन लगवाई जा रही है और तौल में धान ज्यादा लेने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। थके-हारे किसान मजबूरी में चुप हैं, शो