एक मुट्ठी अन्न खिलाने से गणेश जी की भूख शांत हुई और कुबेर का अहंकार दूर हुआ। शनिवार को 3 बजे कथा स्थल पर हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे। भजन-कीर्तन, मंत्रोच्चार और जयघोष से पूरा ग्राम क्षेत्र शिव-गणेश भक्ति में सराबोर हो गया। श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया और वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो उठा।