Public App Logo
Jansamasya
News
पुलिस
Maharashtra
Bjp
National
Police
Bihar
India
Coronavirus
किसान
कांग्रेस
Accident
Congress
Modi
Delhi
Viral
Up
Bollywood
Breakingnews
Narendramodi
Madhya_pradesh
Mp
Madhyapradesh
Pmmodi
Kerala
Rahulgandhi
Chhattisgarh
Uttarpradesh
Haryana
No video available

बालाघाट:- राहुल गांधी जी की संसद सदस्यता रद्द करने के विरोध में जिपं बालाघाट की सभापति केसर बिसेन जी के साथ तानाशाह सरकार के खिलाफ सत्याग्रह में उपस्थित रहा!

59k views | Balaghat, Balaghat | Mar 26, 2023

MORE NEWS

#बालाघाट 
गांव की साधारण बहू से बनी महिला सशक्तिकरण की मिसाल: निशा उईके की प्रेरक सफलता की कहानी

        कहते हैं कि यदि हौसले बुलंद हों तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह नहीं रोक सकते। यह बात बालाघाट जिले के लांजी विकासखंड की अति संवेदनशील ग्राम पंचायत खुर्सीटोला के ग्राम वालेगांव की रहने वाली निशा नरेंद्र उईके ने सच कर दिखाया है। कभी कृषि मजदूरी कर परिवार चलाने वाली निशा आज अपनी मेहनत, ईमानदारी और लगन के दम पर न केवल आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं।

      लांजी मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर और जिला मुख्यालय से करीब 75 किलोमीटर दूर बसे वालेगांव में आजीविका के सीमित साधन हैं। अधिकांश परिवार खेती और मजदूरी पर निर्भर हैं तथा कई परिवार रोजगार के लिए पलायन भी करते हैं। निशा का परिवार भी इन्हीं परिस्थितियों में जीवनयापन कर रहा था। कम कृषि भूमि और सीमित आय के कारण परिवार का गुजारा मुश्किल से हो पाता था।

          स्व-सहायता समूह से बदली जिंदगी

      10 फरवरी 2022 को मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गांव में शक्ति आजीविका स्व-सहायता समूह का गठन हुआ। निशा उईके इस समूह से जुड़ीं और अन्य महिलाओं की तरह प्रति सप्ताह 20 रुपये की बचत शुरू की। स्नातक शिक्षित होने के कारण उन्होंने समूह की बैठकों में सक्रिय भूमिका निभाई और समूह के रिकॉर्ड एवं लेखा-जोखा का जिम्मा संभाल लिया।

     उनकी कार्यशैली और जिम्मेदारी देखकर ग्राम संगठन ने उन्हें बुक कीपर नियुक्त किया। इसके बाद वे गांव के अन्य 11 स्व-सहायता समूहों के दस्तावेजों के संधारण और लेखा कार्य में भी सहयोग करने लगीं।

       30 हजार के ऋण से शुरू किया कारोबार

      समूह की पहली सीसीएल (कैश क्रेडिट लिमिट) से 30 हजार रुपये का ऋण लेकर निशा ने गांव में साड़ियों का छोटा व्यवसाय शुरू किया। उन्होंने व्यापार के साथ लेखा-जोखा भी व्यवस्थित रखा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने लगी।

          कंप्यूटर ऑपरेटर से बनीं आत्मनिर्भर

    जब निर्भया संकुल स्तरीय संगठन (CLF) में कंप्यूटर ऑपरेटर की आवश्यकता हुई तो समूह की महिलाओं ने निशा का नाम प्रस्तावित किया। चयन प्रक्रिया के बाद 30 सितंबर 2024 को उन्हें कंप्यूटर ऑपरेटर का दायित्व मिला।

     शुरुआत में उन्हें केवल 2 हजार रुपये मासिक मानदेय मिला, लेकिन उन्होंने इसे सीखने का अवसर माना। निशा का कहना है कि "आजीविका मिशन ऐसा मंच है, जहां इंसान सीखकर काम नहीं करता, बल्कि काम करके सीखता है।"सीमित संसाधनों के बावजूद वे कभी साइकिल से तो कभी अन्य लोगों के साथ कार्यालय पहुंचती रहीं। उन्होंने लगातार प्रशिक्षण लिए, ऑडिट का कार्य सीखा और अपने कार्यों से अधिकारियों तथा संकुल स्तरीय संगठन का विश्वास जीता। उनकी मेहनत को देखते हुए उनका मानदेय बढ़कर 2250, फिर 2500 और बाद में 3000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया।

               स्कूटी खरीदी, बढ़ा सम्मान

       लगातार मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर निशा ने अपने पति के सहयोग से स्कूटी खरीदी। अब वे स्वयं स्कूटी चलाकर समय पर कार्यालय पहुंचती हैं। आज गांव में उनका सम्मान बढ़ चुका है और लोग उन्हें एक सफल एवं आत्मनिर्भर महिला के रूप में पहचानते हैं। निशा की सफलता में उनके पति का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा। परिवार ने हर कदम पर उनका साथ दिया, जिससे वे अपने सपनों को साकार कर सकीं।

           महिला सशक्तिकरण की बनीं प्रेरणा

      निशा उईके मानती हैं कि यदि वे आजीविका मिशन से नहीं जुड़तीं, तो शायद उनकी प्रतिभा सामने नहीं आ पाती। आज वे स्व-सहायता समूहों के संचालन, लेखा-जोखा, ऑडिट और कंप्यूटर कार्यों में दक्ष हैं तथा अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।उनका कहना है, "मैं जीवन में कहीं भी रहूं, लेकिन यह कभी नहीं भूलूंगी कि मेरे जीवन को नई दिशा और पहचान आजीविका मिशन ने दी है। "निशा उईके की यह कहानी बताती है कि जब महिलाओं को अवसर, विश्वास और सही मार्गदर्शन मिलता है तो वे न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे समाज के विकास की मजबूत आधारशिला बन जाती हैं।

                "नारी बढ़ेगी, विकास गढ़ेगी"

      निशा उईके की सफलता इस बात का जीवंत उदाहरण है कि स्व-सहायता समूह केवल बचत का माध्यम नहीं, बल्कि महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और आत्मिक सशक्तिकरण का मजबूत मंच हैं। गांव की एक साधारण महिला का यह सफर आज हजारों महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुका है।

#CMMadhyaPradesh 
#JansamparkMP 
#mp_wcdmp

#बालाघाट गांव की साधारण बहू से बनी महिला सशक्तिकरण की मिसाल: निशा उईके की प्रेरक सफलता की कहानी कहते हैं कि यदि हौसले बुलंद हों तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह नहीं रोक सकते। यह बात बालाघाट जिले के लांजी विकासखंड की अति संवेदनशील ग्राम पंचायत खुर्सीटोला के ग्राम वालेगांव की रहने वाली निशा नरेंद्र उईके ने सच कर दिखाया है। कभी कृषि मजदूरी कर परिवार चलाने वाली निशा आज अपनी मेहनत, ईमानदारी और लगन के दम पर न केवल आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं। लांजी मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर और जिला मुख्यालय से करीब 75 किलोमीटर दूर बसे वालेगांव में आजीविका के सीमित साधन हैं। अधिकांश परिवार खेती और मजदूरी पर निर्भर हैं तथा कई परिवार रोजगार के लिए पलायन भी करते हैं। निशा का परिवार भी इन्हीं परिस्थितियों में जीवनयापन कर रहा था। कम कृषि भूमि और सीमित आय के कारण परिवार का गुजारा मुश्किल से हो पाता था। स्व-सहायता समूह से बदली जिंदगी 10 फरवरी 2022 को मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गांव में शक्ति आजीविका स्व-सहायता समूह का गठन हुआ। निशा उईके इस समूह से जुड़ीं और अन्य महिलाओं की तरह प्रति सप्ताह 20 रुपये की बचत शुरू की। स्नातक शिक्षित होने के कारण उन्होंने समूह की बैठकों में सक्रिय भूमिका निभाई और समूह के रिकॉर्ड एवं लेखा-जोखा का जिम्मा संभाल लिया। उनकी कार्यशैली और जिम्मेदारी देखकर ग्राम संगठन ने उन्हें बुक कीपर नियुक्त किया। इसके बाद वे गांव के अन्य 11 स्व-सहायता समूहों के दस्तावेजों के संधारण और लेखा कार्य में भी सहयोग करने लगीं। 30 हजार के ऋण से शुरू किया कारोबार समूह की पहली सीसीएल (कैश क्रेडिट लिमिट) से 30 हजार रुपये का ऋण लेकर निशा ने गांव में साड़ियों का छोटा व्यवसाय शुरू किया। उन्होंने व्यापार के साथ लेखा-जोखा भी व्यवस्थित रखा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने लगी। कंप्यूटर ऑपरेटर से बनीं आत्मनिर्भर जब निर्भया संकुल स्तरीय संगठन (CLF) में कंप्यूटर ऑपरेटर की आवश्यकता हुई तो समूह की महिलाओं ने निशा का नाम प्रस्तावित किया। चयन प्रक्रिया के बाद 30 सितंबर 2024 को उन्हें कंप्यूटर ऑपरेटर का दायित्व मिला। शुरुआत में उन्हें केवल 2 हजार रुपये मासिक मानदेय मिला, लेकिन उन्होंने इसे सीखने का अवसर माना। निशा का कहना है कि "आजीविका मिशन ऐसा मंच है, जहां इंसान सीखकर काम नहीं करता, बल्कि काम करके सीखता है।"सीमित संसाधनों के बावजूद वे कभी साइकिल से तो कभी अन्य लोगों के साथ कार्यालय पहुंचती रहीं। उन्होंने लगातार प्रशिक्षण लिए, ऑडिट का कार्य सीखा और अपने कार्यों से अधिकारियों तथा संकुल स्तरीय संगठन का विश्वास जीता। उनकी मेहनत को देखते हुए उनका मानदेय बढ़कर 2250, फिर 2500 और बाद में 3000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया। स्कूटी खरीदी, बढ़ा सम्मान लगातार मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर निशा ने अपने पति के सहयोग से स्कूटी खरीदी। अब वे स्वयं स्कूटी चलाकर समय पर कार्यालय पहुंचती हैं। आज गांव में उनका सम्मान बढ़ चुका है और लोग उन्हें एक सफल एवं आत्मनिर्भर महिला के रूप में पहचानते हैं। निशा की सफलता में उनके पति का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा। परिवार ने हर कदम पर उनका साथ दिया, जिससे वे अपने सपनों को साकार कर सकीं। महिला सशक्तिकरण की बनीं प्रेरणा निशा उईके मानती हैं कि यदि वे आजीविका मिशन से नहीं जुड़तीं, तो शायद उनकी प्रतिभा सामने नहीं आ पाती। आज वे स्व-सहायता समूहों के संचालन, लेखा-जोखा, ऑडिट और कंप्यूटर कार्यों में दक्ष हैं तथा अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।उनका कहना है, "मैं जीवन में कहीं भी रहूं, लेकिन यह कभी नहीं भूलूंगी कि मेरे जीवन को नई दिशा और पहचान आजीविका मिशन ने दी है। "निशा उईके की यह कहानी बताती है कि जब महिलाओं को अवसर, विश्वास और सही मार्गदर्शन मिलता है तो वे न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे समाज के विकास की मजबूत आधारशिला बन जाती हैं। "नारी बढ़ेगी, विकास गढ़ेगी" निशा उईके की सफलता इस बात का जीवंत उदाहरण है कि स्व-सहायता समूह केवल बचत का माध्यम नहीं, बल्कि महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और आत्मिक सशक्तिकरण का मजबूत मंच हैं। गांव की एक साधारण महिला का यह सफर आज हजारों महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुका है। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #mp_wcdmp

Balaghat, Madhya Pradesh | Jul 12, 2026

#बालाघाट 
लाड़ली बहना योजना की 38वीं किश्त जारी: बालाघाट की 3.44 लाख बहनों के खातों में पहुंचे 50.13 करोड़ रुपये

      मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार 12 जुलाई को भिंड जिले के लहार में आयोजित राज्य स्तरीय महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 38वीं किश्त सिंगल क्लिक के माध्यम से जारी कर प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में 1835 करोड़ रुपये अंतरित किए। इस अवसर पर बालाघाट जिले की 3 लाख 44 हजार 591 लाड़ली बहनों के खातों में 50 करोड़ 13 लाख 43 हजार 100 रुपये की राशि पहुंची। योजना के तहत प्रत्येक पात्र महिला के खाते में 1500-1500 रुपये जमा किए गए।

     जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया गया, जहां बड़ी संख्या में महिलाओं ने कार्यक्रम देखा और योजना की राशि प्राप्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त की।

       विकासखंडवार लाभार्थी एवं अंतरित राशि

    ग्रामीण क्षेत्रों में बैहर की 19,459 बहनों के खातों में 2 करोड़ 92 लाख 88 हजार 500 रुपये, बालाघाट की 37,380 बहनों को 5 करोड़ 60 लाख 70 हजार रुपये, बिरसा की 26,971 बहनों को 4 करोड़ 04 लाख 56 हजार 500 रुपये, कटंगी की 34,711 बहनों को 5 करोड़ 20 लाख 66 हजार 500 रुपये, खैरलांजी की 31,300 बहनों को 4 करोड़ 69 लाख 50 हजार रुपये, किरनापुर की 38,387 बहनों को 5 करोड़ 75 लाख 80 हजार 500 रुपये, लालबर्रा की 37,255 बहनों को 5 करोड़ 58 लाख 82 हजार 500 रुपये, लांजी की 38,207 बहनों को 5 करोड़ 73 लाख 10 हजार 500 रुपये, परसवाड़ा की 22,139 बहनों को 3 करोड़ 32 लाख 08 हजार 500 रुपये तथा वारासिवनी की 32,930 बहनों के खातों में 4 करोड़ 93 लाख 95 हजार रुपये अंतरित किए गए।

       नगरीय क्षेत्रों में भी पहुंची योजना की राशि

     नगरीय निकायों में नगर पालिका बालाघाट की 8,817 बहनों को 1 करोड़ 32 लाख 25 हजार 500 रुपये, नगर पालिका मलाजखंड की 5,828 बहनों को 87 लाख 42 हजार रुपये, नगर पालिका वारासिवनी की 3,756 बहनों को 56 लाख 34 हजार रुपये, नगर परिषद बैहर की 2,654 बहनों को 39 लाख 81 हजार रुपये, नगर परिषद कटंगी की 2,413 बहनों को 36 लाख 19 हजार 500 रुपये तथा नगर परिषद लांजी की 2,384 बहनों को 35 लाख 76 हजार रुपये की राशि प्राप्त हुई।

जून 2023 से अब तक 1688 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता

       जून 2023 में योजना प्रारंभ होने से लेकर 12 जुलाई 2026 तक बालाघाट जिले की 3 लाख 44 हजार 591 से अधिक लाड़ली बहनों को 1688 करोड़ 38 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्राप्त हो चुकी है। इस योजना ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ जिले की अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान की है।

     कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम के लाइव प्रसारण में महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री देवेन्द्र सुंदरियाल, बाल विकास परियोजना अधिकारी श्री शैलेन्द्र चौकसे, आंगनवाड़ी पर्यवेक्षक, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें उपस्थित रहीं।
#CMMadhyaPradesh 
#JansamparkMP 
#mp_wcdmp

#बालाघाट लाड़ली बहना योजना की 38वीं किश्त जारी: बालाघाट की 3.44 लाख बहनों के खातों में पहुंचे 50.13 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार 12 जुलाई को भिंड जिले के लहार में आयोजित राज्य स्तरीय महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 38वीं किश्त सिंगल क्लिक के माध्यम से जारी कर प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में 1835 करोड़ रुपये अंतरित किए। इस अवसर पर बालाघाट जिले की 3 लाख 44 हजार 591 लाड़ली बहनों के खातों में 50 करोड़ 13 लाख 43 हजार 100 रुपये की राशि पहुंची। योजना के तहत प्रत्येक पात्र महिला के खाते में 1500-1500 रुपये जमा किए गए। जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया गया, जहां बड़ी संख्या में महिलाओं ने कार्यक्रम देखा और योजना की राशि प्राप्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। विकासखंडवार लाभार्थी एवं अंतरित राशि ग्रामीण क्षेत्रों में बैहर की 19,459 बहनों के खातों में 2 करोड़ 92 लाख 88 हजार 500 रुपये, बालाघाट की 37,380 बहनों को 5 करोड़ 60 लाख 70 हजार रुपये, बिरसा की 26,971 बहनों को 4 करोड़ 04 लाख 56 हजार 500 रुपये, कटंगी की 34,711 बहनों को 5 करोड़ 20 लाख 66 हजार 500 रुपये, खैरलांजी की 31,300 बहनों को 4 करोड़ 69 लाख 50 हजार रुपये, किरनापुर की 38,387 बहनों को 5 करोड़ 75 लाख 80 हजार 500 रुपये, लालबर्रा की 37,255 बहनों को 5 करोड़ 58 लाख 82 हजार 500 रुपये, लांजी की 38,207 बहनों को 5 करोड़ 73 लाख 10 हजार 500 रुपये, परसवाड़ा की 22,139 बहनों को 3 करोड़ 32 लाख 08 हजार 500 रुपये तथा वारासिवनी की 32,930 बहनों के खातों में 4 करोड़ 93 लाख 95 हजार रुपये अंतरित किए गए। नगरीय क्षेत्रों में भी पहुंची योजना की राशि नगरीय निकायों में नगर पालिका बालाघाट की 8,817 बहनों को 1 करोड़ 32 लाख 25 हजार 500 रुपये, नगर पालिका मलाजखंड की 5,828 बहनों को 87 लाख 42 हजार रुपये, नगर पालिका वारासिवनी की 3,756 बहनों को 56 लाख 34 हजार रुपये, नगर परिषद बैहर की 2,654 बहनों को 39 लाख 81 हजार रुपये, नगर परिषद कटंगी की 2,413 बहनों को 36 लाख 19 हजार 500 रुपये तथा नगर परिषद लांजी की 2,384 बहनों को 35 लाख 76 हजार रुपये की राशि प्राप्त हुई। जून 2023 से अब तक 1688 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता जून 2023 में योजना प्रारंभ होने से लेकर 12 जुलाई 2026 तक बालाघाट जिले की 3 लाख 44 हजार 591 से अधिक लाड़ली बहनों को 1688 करोड़ 38 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्राप्त हो चुकी है। इस योजना ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ जिले की अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान की है। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम के लाइव प्रसारण में महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री देवेन्द्र सुंदरियाल, बाल विकास परियोजना अधिकारी श्री शैलेन्द्र चौकसे, आंगनवाड़ी पर्यवेक्षक, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें उपस्थित रहीं। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #mp_wcdmp

Balaghat, Madhya Pradesh | Jul 12, 2026

Khagaria, Bihar News : Train की खिड़की से मोबाइल छीन कर भाग रहा था चोर यात्रियों ने पकड़ लिया हाथ...!

Khagaria, Bihar News : Train की खिड़की से मोबाइल छीन कर भाग रहा था चोर यात्रियों ने पकड़ लिया हाथ...!

Balaghat, Balaghat | Jul 12, 2026

#बालाघाट 
एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत आरोग्य मंदिर परिसर में हुआ पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प

       मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा संचालित "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत आरोग्य मंदिर परिसर, बैगाटोला में नगर विकास प्रस्फुटन समिति के माध्यम से पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला समन्वयक महेश पटले ने पौधारोपण कर अभियान की शुरुआत की और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

        इस अवसर पर उपस्थित जनों को अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प दिलाया गया। वक्ताओं ने कहा कि पौधारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरित भविष्य सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने लोगों से अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया।

        कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का सामूहिक संकल्प लिया। जन अभियान परिषद द्वारा संचालित इस अभियान का उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना तथा प्रत्येक नागरिक को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करना है।

    कार्यक्रम में ब्लॉक समन्वयक परसवाड़ा सुनील साहू, जनभागीदारी अध्यक्ष राजीव परते, नवांकुर संस्था के कुंदन मेरावी, मेंटर शिवनाथ यादव, आकांक्षा तेकाम, संगीता मार्को, नगर विकास प्रस्फुटन समिति की अध्यक्ष साक्षी तिवारी, अभय यादव सहित समिति के सदस्य एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

#एक_पेड़_माँ_के_नाम
#CMMadhyaPradesh 
#JansamparkMP

#बालाघाट एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत आरोग्य मंदिर परिसर में हुआ पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा संचालित "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत आरोग्य मंदिर परिसर, बैगाटोला में नगर विकास प्रस्फुटन समिति के माध्यम से पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला समन्वयक महेश पटले ने पौधारोपण कर अभियान की शुरुआत की और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर उपस्थित जनों को अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प दिलाया गया। वक्ताओं ने कहा कि पौधारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरित भविष्य सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने लोगों से अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का सामूहिक संकल्प लिया। जन अभियान परिषद द्वारा संचालित इस अभियान का उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना तथा प्रत्येक नागरिक को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रम में ब्लॉक समन्वयक परसवाड़ा सुनील साहू, जनभागीदारी अध्यक्ष राजीव परते, नवांकुर संस्था के कुंदन मेरावी, मेंटर शिवनाथ यादव, आकांक्षा तेकाम, संगीता मार्को, नगर विकास प्रस्फुटन समिति की अध्यक्ष साक्षी तिवारी, अभय यादव सहित समिति के सदस्य एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। #एक_पेड़_माँ_के_नाम #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP

Balaghat, Madhya Pradesh | Jul 11, 2026

#बालाघाट 
लालबर्रा महाविद्यालय में दीक्षारंभ सह-प्रेरणा कार्यक्रम का हुआ समापन

       शासकीय महाविद्यालय लालबर्रा में नवीन प्रवेशित छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित तीन दिवसीय दीक्षारंभ सह-प्रेरणा कार्यक्रम का समापन 3 जुलाई 2026 को हुआ। कार्यक्रम के तीसरे एवं अंतिम दिवस विद्यार्थियों के स्वागत, परिचय और मार्गदर्शन पर केंद्रित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया।

            कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पूजन-अर्चन के साथ हुआ। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. संगीता मेश्राम के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों से परिचित कराया गया।

            प्रो. सुमन बरवा ने विद्यार्थियों को शिकायत निवारण तंत्र एवं परामर्श सेवाओं की जानकारी दी। एनएसएस अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार भिमटे ने स्थानीय समाजसेवियों, पूर्व छात्रों एवं अभिभावकों का परिचय कराते हुए उनके योगदान पर प्रकाश डाला। डॉ. निर्मल कीर्ति गेडाम ने शिकायत निवारण व्यवस्था एवं संबंधित हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी।

            डॉ. देवराज चैरे ने प्रवेश प्रक्रिया, विषय चयन एवं परीक्षा प्रणाली के संबंध में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। साथ ही विद्यार्थियों को महाविद्यालय के पुस्तकालय, ई-लाइब्रेरी, प्रयोगशालाओं, रैम्प, जिम, छात्रावास सहित विभिन्न सुविधाओं का भ्रमण कराया गया तथा उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।

             श्री नरेश सौलखे ने करियर मार्गदर्शन पर विस्तृत जानकारी देते हुए भविष्य की संभावनाओं से विद्यार्थियों को अवगत कराया। डॉ. हृषिकेश पटेल ने विद्यार्थियों में अनुशासन, नैतिकता एवं संस्थान के प्रति अपनत्व की भावना विकसित करने का संदेश दिया। वहीं श्रीमती भूमेश्वरी ठाकरे ने उत्कृष्टता की भावना के साथ निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

         कार्यक्रम का संचालन डॉ. कामाक्षा बिसेन ने किया तथा आभार प्रदर्शन डॉ. देवराज चैरे ने व्यक्त किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में महाविद्यालय के समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सहभागिता की।

#CMMadhyaPradesh 
#JansamparkMP 
#HigherEducation

#बालाघाट लालबर्रा महाविद्यालय में दीक्षारंभ सह-प्रेरणा कार्यक्रम का हुआ समापन शासकीय महाविद्यालय लालबर्रा में नवीन प्रवेशित छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित तीन दिवसीय दीक्षारंभ सह-प्रेरणा कार्यक्रम का समापन 3 जुलाई 2026 को हुआ। कार्यक्रम के तीसरे एवं अंतिम दिवस विद्यार्थियों के स्वागत, परिचय और मार्गदर्शन पर केंद्रित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पूजन-अर्चन के साथ हुआ। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. संगीता मेश्राम के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों से परिचित कराया गया। प्रो. सुमन बरवा ने विद्यार्थियों को शिकायत निवारण तंत्र एवं परामर्श सेवाओं की जानकारी दी। एनएसएस अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार भिमटे ने स्थानीय समाजसेवियों, पूर्व छात्रों एवं अभिभावकों का परिचय कराते हुए उनके योगदान पर प्रकाश डाला। डॉ. निर्मल कीर्ति गेडाम ने शिकायत निवारण व्यवस्था एवं संबंधित हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। डॉ. देवराज चैरे ने प्रवेश प्रक्रिया, विषय चयन एवं परीक्षा प्रणाली के संबंध में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। साथ ही विद्यार्थियों को महाविद्यालय के पुस्तकालय, ई-लाइब्रेरी, प्रयोगशालाओं, रैम्प, जिम, छात्रावास सहित विभिन्न सुविधाओं का भ्रमण कराया गया तथा उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। श्री नरेश सौलखे ने करियर मार्गदर्शन पर विस्तृत जानकारी देते हुए भविष्य की संभावनाओं से विद्यार्थियों को अवगत कराया। डॉ. हृषिकेश पटेल ने विद्यार्थियों में अनुशासन, नैतिकता एवं संस्थान के प्रति अपनत्व की भावना विकसित करने का संदेश दिया। वहीं श्रीमती भूमेश्वरी ठाकरे ने उत्कृष्टता की भावना के साथ निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. कामाक्षा बिसेन ने किया तथा आभार प्रदर्शन डॉ. देवराज चैरे ने व्यक्त किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में महाविद्यालय के समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सहभागिता की। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #HigherEducation

Balaghat, Madhya Pradesh | Jul 11, 2026

बालाघाट:- राहुल गांधी जी की संसद सदस्यता रद्द करने के विरोध में जिपं बालाघाट की सभापति केसर बिसेन जी के साथ तानाशाह सरकार के खिलाफ सत्याग्रह में उपस्थित रहा! - Balaghat News