मस्त बंदा था - आचार्य प्रशांत
गांधीजी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि अजेय आत्मबल की प्रतिमूर्ति थे। उन्होंने सिद्ध किया कि असली ताकत हथियारों या धन में नहीं, बल्कि आपके चरित्र और सादगी में होती है। - Ujjain Urban News
मस्त बंदा था - आचार्य प्रशांत
गांधीजी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि अजेय आत्मबल की प्रतिमूर्ति थे। उन्होंने सिद्ध किया कि असली ताकत हथियारों या धन में नहीं, बल्कि आपके चरित्र और सादगी में होती है।