बुंदी शहर में 10 ऐतिहासिक दरवाजों का संरक्षण शुरू, पुराने बाईपास को मिलेगी 'फूलों की घाटी' की पहचान
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रयासों से हो रहा जीर्णोद्धार
जिला कलक्टर ने गणेश पूजन कर किया शुभारंभ, क्यूआर कोड से आमजन दे सकेंगे निर्माण कार्यों का फीडबैक
बूंदी, 14 जुलाई। बूंदी शहर की प्राचीन धरोहरों को सहेजने और पर्यटन को बढ़ावा देने के कार्यों की मंगलवार को शुरुआत हुई। जिला कलक्टर हरफूल सिंह यादव, जिलाध्यक्ष रामेश्वर मीणा ने भैरू दरवाजा स्थित गणेश जी की पूजा-अर्चना कर शहर के 10 ऐतिहासिक दरवाजों और प्राचीन बावड़ियों के संरक्षण व सौंदर्यीकरण कार्य का विधिवत शुभारंभ किया। यह सभी कार्य लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के विशेष प्रयासों से भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) द्वारा स्वीकृत किये गये है, जिसे भारतीय सांस्कृतिक निधि (इंटेक) चैप्टर बूंदी द्वारा धरातल पर उतारा जा रहा हैं।
इस अवसर पर जिला कलक्टर ने कहा कि इन ऐतिहासिक दरवाजों और प्रमुख बावड़ियों के जीर्णोद्धार से बूंदी की प्राचीन और गौरवशाली सांस्कृतिक पहचान सुरक्षित रहेगी। इससे हाड़ौती क्षेत्र में पर्यटन को भी नए पंख लगेंगे। लोकसभा अध्यक्ष की इस पहल से स्थानीय लोगों और इतिहास प्रेमियों में काफी खुशी है। उन्होंने बताया कि पर्यटन को सुगम और आकर्षक बनाने के लिए कई नई योजनाएं भी शुरू की जा रही हैं। बूंदी के पुराने बाईपास को 'फूलों की घाटी' के रूप में विकसित किया जाएगा। दधिमति मंदिर से मीरांगेट तक के 2.5 किलोमीटर लंबे रूट को आकर्षक स्वरूप दिया जाएगा, ताकि देशी-विदेशी पर्यटक आसानी से विरासत का अवलोकन कर सकें। रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के प्रवेश द्वार क्षेत्र को भी नया और आकर्षक लुक दिया जाएगा।
जिला कलक्टर ने कहा कि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए आमजन के सुझावों पर काम शुरू कर दिया गया है। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नगर परिषद आयुक्त को निर्देश दिए गए हैं कि वे क्यूआर कोड की व्यवस्था लागू करें, ताकि आम नागरिक कार्यों का सीधा फीडबैक प्रशासन को दे सकें। उन्होंने आमजन से प्लास्टिक का उपयोग बंद करने और इसके स्थान पर राजीविका के उत्पादों को दैनिक कार्यों में शामिल करने की अपील की।
कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष रामेश्वर मीणा ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष के विजन के अनुरूप बूंदी को पर्यटन और विकास में अग्रणी बनाने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि कचरा केवल निर्धारित स्थानों पर ही डालें। यदि समझाइश के बाद भी लोग इधर-उधर कचरा फेंकते हैं, तो उन पर जुर्माने की नीति अपनाई जाए। उन्होंने कहा कि तालाबों में पूजा सामग्री और प्लास्टिक डालने पर भी रोक लगे। उन्होंने कहा कि पुराने बाईपास को भी पर्यटन के रूप में विकसित करें। पुराने बाईपास पर ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बूंदी की ऐतिहासिक विरासत के दर्शन बूंदी में प्रवेश के साथ ही मिल सके। इस कार्य में जनप्रतिनिधियों और बूंदीवासियों की ओर से जिला प्रशासन को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
कार्यक्रम में स्वागत भाषण देते हुए इंटेक संयोजक राजकुमार दाधीच ने बताया कि स्वीकृत कार्यो के तहत भैरू गेट, सुरंग दरवाजा, कोतवाली दरवाजे, चौगान दरवाजे, लंका दरवाजा, खोजा दरवाजा, मीरा दरवाजा, चम्पाबाग दरवाजा और गिनती का दरवाजा के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण के कार्य किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान जिला कलक्टर ने इंटेक के मिस्त्री का माल्यार्पण भी किया।
इस अवसर पर महामंत्री संजय लाठी, सुरेश अग्रवाल, राजकुमार श्रृंगी, नगर परिषद आयुक्त ब्रजेश राय, खुमान सिंह, जनार्दन सिंह, राजेन्द्र भारद्वाज, अशोक तलवास, नंदप्रकाश शर्मा, जेपी त्रिपाठी, पर्यटन अधिकारी प्रेमशंकर, संग्रहालय सहायक जगदीश वर्मा, राजेश शेरगड़िया, मनीष सिसोदिया, पीयूष पाचक, ऋतु राज दाधीच, आलोक विजय, मेजर सिंह, डॉ. युवराज सिंह, वैभव राज माथुर, पंडित विश्वनाथ भारद्वाज, के.सी. वर्मा, चंद्र प्रकाश दोराश्री, घनश्याम दाधीच, डा नरेंद्र सिंह, नारायण मण्डोवरा, अनुराग शर्मा, पंकज दाधीच, बार अध्यक नारायण सिंह गौड, रेखा शर्मा, ओराक नय्यर सहित कई गणमान्य एवं प्रबुद्धजन मौजूद रहें।