‘भाक्काटे’ की गूंज से गूंज उठी गंगा की रेती नगर निगम की पहल से जीवंत हुई काशी की पतंगबाजी परंपरा, अगले वर्ष से राष्ट्रीय स्तर की होगी प्रतियोगिता वाराणसी। मकर संक्रांति के पावन पर्व की दस्तक के साथ ही काशी की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान एक बार फिर जीवंत हो उठी। दशाश्वमेध घाट के सामने गंगा की रेती ‘भाक्काटे…भाक्काटे’ के शोर से गुलजार हो गई।