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बड़े भैया वीर सूबेदार राजेश कुमार जी को अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि

12.4k views | Fatehpur, Fatehpur | Oct 8, 2021

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सरकारी योजनाओं का झांसा, महिलाओं के नाम पर खुले फर्जी खाते

आधार कार्ड के दुरुपयोग से लाखों रुपये के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा

घूरपुर में 50 से अधिक महिलाएं साइबर जालसाजी की शिकार, जांच शुरू

✒️रिपोर्ट सुनील यादव

प्रयागराज के घूरपुर क्षेत्र से साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर दर्जनों महिलाओं के दस्तावेजों का कथित रूप से दुरुपयोग कर उनके नाम पर बैंक खाते खोले गए और लाखों रुपये के संदिग्ध लेनदेन किए गए। मामला उजागर होने के बाद पीड़ित महिलाओं और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

सरकारी योजनाओं के नाम पर रचा गया साइबर जाल

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घूरपुर क्षेत्र के बिरवल, कंजासा और जगदीशपुर गांवों की 50 से अधिक महिलाओं ने आरोप लगाया है कि सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के बहाने उनके आधार कार्ड और व्यक्तिगत दस्तावेज एकत्र किए गए। बाद में उन्हीं दस्तावेजों का उपयोग कर उनके नाम पर सिम कार्ड जारी किए गए तथा विभिन्न बैंकों में खाते संचालित किए गए।

मामले का खुलासा तब हुआ जब कुछ महिलाएं जन सेवा केंद्र पर बैंकिंग कार्य कराने पहुंचीं। आधार सत्यापन के दौरान उन्हें पता चला कि उनके नाम से पहले से खाते संचालित हैं और उनमें लाखों रुपये का लेनदेन दर्ज है।

2 से 5 लाख रुपये तक के लेनदेन की जानकारी

जांच के दौरान सामने आया कि कई महिलाओं के खातों में 2 लाख से 5 लाख रुपये तक की रकम जमा हुई और तुरंत निकासी भी कर ली गई। महिलाओं का कहना है कि उन्हें इन खातों, लेनदेन या बैंकिंग गतिविधियों की कोई जानकारी नहीं थी।

शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि इंडियन बैंक, फिनो बैंक, बंधन बैंक और जियो पेमेंट्स बैंक के माध्यम से संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों को अंजाम दिया गया। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

साइबर क्राइम टीम को सौंपी गई जांच

पीड़ित महिलाओं तथा अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा (एआईकेएमएस) के प्रतिनिधियों ने पुलिस अधिकारियों को शिकायत देकर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। इसके बाद साइबर क्राइम इंस्पेक्टर घनश्याम यादव को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

संगठन के पदाधिकारियों ने मांग की है कि महिलाओं के आधार कार्ड से जुड़े सभी संदिग्ध बैंक खाते और सिम कार्ड तत्काल बंद किए जाएं तथा पूरे नेटवर्क की जांच कर दोषियों को गिरफ्तार किया जाए।

महिलाओं में भय और आक्रोश

मामला सामने आने के बाद प्रभावित गांवों में महिलाओं के बीच भय और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कई महिलाएं आशंकित हैं कि उनके नाम का इस्तेमाल भविष्य में किसी और वित्तीय या कानूनी गतिविधि में न किया जाए।

स्थानीय सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित महिलाओं को कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा साइबर अपराधियों के खिलाफ उदाहरणात्मक कार्रवाई की जाए।

वायरल फैक्ट

सोशल मीडिया पर यह मामला तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कैसे ग्रामीण महिलाओं के आधार कार्ड और दस्तावेजों का उपयोग कर लाखों रुपये के लेनदेन किए गए और लंबे समय तक इसकी जानकारी संबंधित खाताधारकों को नहीं हो सकी।

घूरपुर का यह मामला डिजिटल युग में पहचान संबंधी दस्तावेजों की सुरक्षा और साइबर जागरूकता की आवश्यकता को एक बार फिर सामने लाता है। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह केवल वित्तीय धोखाधड़ी का मामला नहीं बल्कि गरीब और ग्रामीण महिलाओं के विश्वास के साथ किया गया गंभीर अपराध होगा। अब सभी की निगाहें साइबर जांच टीम की रिपोर्ट और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।

ND NEWS की अपील

🔹 किसी भी सरकारी योजना के नाम पर अपने आधार कार्ड, बैंक दस्तावेज या ओटीपी किसी अज्ञात व्यक्ति को न दें।
🔹 समय-समय पर अपने बैंक खातों और आधार से जुड़े मोबाइल नंबर की जांच अवश्य करें।
🔹 जन सेवा केंद्र या बैंक में जाकर आधार सीडिंग और खाते की स्थिति की जानकारी लेते रहें।
🔹 साइबर अपराध की जानकारी मिलते ही तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाना में शिकायत करें।
🔹 प्रशासन और बैंकिंग संस्थान ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर जागरूकता अभियान चलाएं ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

ND NEWS संदेश:
"डिजिटल सुविधा तभी सुरक्षित है जब नागरिक जागरूक हों और संस्थाएं जवाबदेह। साइबर अपराध के खिलाफ सामूहिक सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है।"
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मुख्य संपादक / संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा
सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया
📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, पूर्वी दिल्ली, पिन कोड – (110092) (NCR)
📍 कार्यालय-2: विधानसभा रोड, बर्लिंगटन चौराहा, लखनऊ (226001) (UP)
📍 कार्यालय-1: 1/1 अटल बिहारी चौराहा, नियर बर्मा चौराहा, फतेहपुर (212601) (UP)
📅 दिनांक: 09 जून 2026
📆 दिन: मंगलवार
📧 Email: ndnewschannel@gmail.com
📞 मोबाइल: 9696119696
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अस्वीकरण: यह समाचार शिकायतकर्ताओं एवं उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। मामले की जांच साइबर क्राइम विभाग द्वारा की जा रही है। अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट और सक्षम प्राधिकारी के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होंगे।

सरकारी योजनाओं का झांसा, महिलाओं के नाम पर खुले फर्जी खाते आधार कार्ड के दुरुपयोग से लाखों रुपये के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा घूरपुर में 50 से अधिक महिलाएं साइबर जालसाजी की शिकार, जांच शुरू ✒️रिपोर्ट सुनील यादव प्रयागराज के घूरपुर क्षेत्र से साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर दर्जनों महिलाओं के दस्तावेजों का कथित रूप से दुरुपयोग कर उनके नाम पर बैंक खाते खोले गए और लाखों रुपये के संदिग्ध लेनदेन किए गए। मामला उजागर होने के बाद पीड़ित महिलाओं और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। सरकारी योजनाओं के नाम पर रचा गया साइबर जाल प्राप्त जानकारी के अनुसार, घूरपुर क्षेत्र के बिरवल, कंजासा और जगदीशपुर गांवों की 50 से अधिक महिलाओं ने आरोप लगाया है कि सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के बहाने उनके आधार कार्ड और व्यक्तिगत दस्तावेज एकत्र किए गए। बाद में उन्हीं दस्तावेजों का उपयोग कर उनके नाम पर सिम कार्ड जारी किए गए तथा विभिन्न बैंकों में खाते संचालित किए गए। मामले का खुलासा तब हुआ जब कुछ महिलाएं जन सेवा केंद्र पर बैंकिंग कार्य कराने पहुंचीं। आधार सत्यापन के दौरान उन्हें पता चला कि उनके नाम से पहले से खाते संचालित हैं और उनमें लाखों रुपये का लेनदेन दर्ज है। 2 से 5 लाख रुपये तक के लेनदेन की जानकारी जांच के दौरान सामने आया कि कई महिलाओं के खातों में 2 लाख से 5 लाख रुपये तक की रकम जमा हुई और तुरंत निकासी भी कर ली गई। महिलाओं का कहना है कि उन्हें इन खातों, लेनदेन या बैंकिंग गतिविधियों की कोई जानकारी नहीं थी। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि इंडियन बैंक, फिनो बैंक, बंधन बैंक और जियो पेमेंट्स बैंक के माध्यम से संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों को अंजाम दिया गया। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। साइबर क्राइम टीम को सौंपी गई जांच पीड़ित महिलाओं तथा अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा (एआईकेएमएस) के प्रतिनिधियों ने पुलिस अधिकारियों को शिकायत देकर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। इसके बाद साइबर क्राइम इंस्पेक्टर घनश्याम यादव को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। संगठन के पदाधिकारियों ने मांग की है कि महिलाओं के आधार कार्ड से जुड़े सभी संदिग्ध बैंक खाते और सिम कार्ड तत्काल बंद किए जाएं तथा पूरे नेटवर्क की जांच कर दोषियों को गिरफ्तार किया जाए। महिलाओं में भय और आक्रोश मामला सामने आने के बाद प्रभावित गांवों में महिलाओं के बीच भय और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कई महिलाएं आशंकित हैं कि उनके नाम का इस्तेमाल भविष्य में किसी और वित्तीय या कानूनी गतिविधि में न किया जाए। स्थानीय सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित महिलाओं को कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा साइबर अपराधियों के खिलाफ उदाहरणात्मक कार्रवाई की जाए। वायरल फैक्ट सोशल मीडिया पर यह मामला तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कैसे ग्रामीण महिलाओं के आधार कार्ड और दस्तावेजों का उपयोग कर लाखों रुपये के लेनदेन किए गए और लंबे समय तक इसकी जानकारी संबंधित खाताधारकों को नहीं हो सकी। घूरपुर का यह मामला डिजिटल युग में पहचान संबंधी दस्तावेजों की सुरक्षा और साइबर जागरूकता की आवश्यकता को एक बार फिर सामने लाता है। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह केवल वित्तीय धोखाधड़ी का मामला नहीं बल्कि गरीब और ग्रामीण महिलाओं के विश्वास के साथ किया गया गंभीर अपराध होगा। अब सभी की निगाहें साइबर जांच टीम की रिपोर्ट और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। ND NEWS की अपील 🔹 किसी भी सरकारी योजना के नाम पर अपने आधार कार्ड, बैंक दस्तावेज या ओटीपी किसी अज्ञात व्यक्ति को न दें। 🔹 समय-समय पर अपने बैंक खातों और आधार से जुड़े मोबाइल नंबर की जांच अवश्य करें। 🔹 जन सेवा केंद्र या बैंक में जाकर आधार सीडिंग और खाते की स्थिति की जानकारी लेते रहें। 🔹 साइबर अपराध की जानकारी मिलते ही तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाना में शिकायत करें। 🔹 प्रशासन और बैंकिंग संस्थान ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर जागरूकता अभियान चलाएं ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। ND NEWS संदेश: "डिजिटल सुविधा तभी सुरक्षित है जब नागरिक जागरूक हों और संस्थाएं जवाबदेह। साइबर अपराध के खिलाफ सामूहिक सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है।" 👇👇👇 #NDNews #दैनिकनिष्पक्षधारा #PrayagrajNews #Ghoorpur #CyberCrime #CyberFraud #AadhaarMisuse #WomenSafety #DigitalFraud #CyberAwareness #UPPolice #NDNewsChannel 👇👇 👇👇👇👇 @dgpup @UPGovt @RSSorg @Uppolice @wpl1090 @RSSgeet @MIB_India @PMOIndia @HMOIndia @VHPDigital @CMOUP_RC @myogioffice @InfoDeptUP @CMOfficeUP @UPPRD1948 @ChiefSecyUP @MahantYogiG @ChiefSecyUP @BajrangDalOrg @myogiadityanath @112UttarPradesh @UPPViralCheck @UpPolicemitra @prayagraj_pol @ADGZonPrayagraj @DM_PRAYAGRAJ @CommissionerPrg @NigamPrayagraj @Prayagraj_TP @PROdefprayagraj @Cyberdost @Igrs_up @_DigitalIndia 👇👇 🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा मुख्य संपादक / संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया 📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, पूर्वी दिल्ली, पिन कोड – (110092) (NCR) 📍 कार्यालय-2: विधानसभा रोड, बर्लिंगटन चौराहा, लखनऊ (226001) (UP) 📍 कार्यालय-1: 1/1 अटल बिहारी चौराहा, नियर बर्मा चौराहा, फतेहपुर (212601) (UP) 📅 दिनांक: 09 जून 2026 📆 दिन: मंगलवार 📧 Email: ndnewschannel@gmail.com 📞 मोबाइल: 9696119696 👇👇👇 अस्वीकरण: यह समाचार शिकायतकर्ताओं एवं उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। मामले की जांच साइबर क्राइम विभाग द्वारा की जा रही है। अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट और सक्षम प्राधिकारी के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होंगे।

Fatehpur, Fatehpur | Jun 9, 2026

मनैया घाट पर दर्दनाक हादसा, गंगा में डूबे दो सगे भाई

नहाने गए किशोरों की मौत से गांव में पसरा मातम

प्रयागराज में गहरे पानी ने छीनी दो मासूम जिंदगियां, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

✒️रिपोर्ट राजेश सोनकर प्रयागराज 

प्रयागराज के करछना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। गंगा स्नान के दौरान दो सगे भाइयों की डूबने से मौत हो गई, जबकि एक अन्य किशोर को स्थानीय लोगों ने सुरक्षित बचा लिया। इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

मनैया घाट पर नहाते समय हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, करछना तहसील क्षेत्र के थाना औद्योगिक क्षेत्र अंतर्गत स्थित मनैया घाट पर मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे मुंगारी गांव के सल्दी का पूरा निवासी राजन यादव (16) और उसका छोटा भाई अभिषेक यादव (13) एक अन्य किशोर के साथ गंगा स्नान के लिए पहुंचे थे।

नहाते समय तीनों किशोर अचानक गहरे पानी की ओर चले गए और डूबने लगे। घटना को देख घाट पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। बच्चों को बचाने के प्रयास में परिवार का एक सदस्य भी गंगा में कूद पड़ा, लेकिन वह भी पानी के तेज बहाव और गहराई में फंस गया।

ग्रामीणों ने शुरू किया बचाव अभियान

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीण और गोताखोर मौके पर पहुंच गए। काफी प्रयासों के बाद एक युवक और एक किशोर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन दोनों सगे भाई गहरे पानी में समा गए।

सूचना पर पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से खोजबीन शुरू की गई। घंटों चले रेस्क्यू अभियान के बाद दोनों किशोरों के शव बरामद कर लिए गए।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

मृतक राजन यादव जीवन ज्योति पब्लिक स्कूल, भीरपुर में कक्षा आठ का छात्र था, जबकि उसका छोटा भाई अभिषेक यादव कक्षा छह में अध्ययनरत था। दोनों भाइयों की असामयिक मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है।

पिता चालक का कार्य करते हैं, जबकि मां ममता देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार में एक अन्य भाई अनुराग भी है। गांव वालों के अनुसार दोनों बच्चे बेहद मिलनसार और सरल स्वभाव के थे।

पुलिस ने दी जानकारी

एसीपी करछना सुनील कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची थी। स्थानीय गोताखोरों की सहायता से दोनों किशोरों के शवों को बाहर निकाला गया।

पुलिस के अनुसार परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और आवश्यक औपचारिकताओं के बाद शवों को अंतिम संस्कार के लिए अपने साथ ले गए।

वायरल फैक्ट

घटना के बाद सोशल मीडिया पर मनैया घाट की तस्वीरें और जानकारी तेजी से वायरल हो रही है। लोग गहरे जल क्षेत्रों में सुरक्षा इंतजामों की कमी और चेतावनी संकेतकों की आवश्यकता पर सवाल उठा रहे हैं।

मनैया घाट पर हुआ यह हादसा एक बार फिर जलाशयों और नदियों में स्नान के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की अहमियत को सामने लाता है। दो मासूम भाइयों की मौत ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। यह घटना परिवारों, प्रशासन और समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है कि नदी घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और जनजागरूकता को और मजबूत किया जाए।

संदेश:"एक छोटी सी सावधानी कई जिंदगियां बचा सकती है। जल सुरक्षा केवल प्रशासन की नहीं, समाज की भी सामूहिक जिम्मेदारी है।"
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मनैया घाट पर दर्दनाक हादसा, गंगा में डूबे दो सगे भाई नहाने गए किशोरों की मौत से गांव में पसरा मातम प्रयागराज में गहरे पानी ने छीनी दो मासूम जिंदगियां, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ ✒️रिपोर्ट राजेश सोनकर प्रयागराज प्रयागराज के करछना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। गंगा स्नान के दौरान दो सगे भाइयों की डूबने से मौत हो गई, जबकि एक अन्य किशोर को स्थानीय लोगों ने सुरक्षित बचा लिया। इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। मनैया घाट पर नहाते समय हुआ हादसा प्राप्त जानकारी के अनुसार, करछना तहसील क्षेत्र के थाना औद्योगिक क्षेत्र अंतर्गत स्थित मनैया घाट पर मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे मुंगारी गांव के सल्दी का पूरा निवासी राजन यादव (16) और उसका छोटा भाई अभिषेक यादव (13) एक अन्य किशोर के साथ गंगा स्नान के लिए पहुंचे थे। नहाते समय तीनों किशोर अचानक गहरे पानी की ओर चले गए और डूबने लगे। घटना को देख घाट पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। बच्चों को बचाने के प्रयास में परिवार का एक सदस्य भी गंगा में कूद पड़ा, लेकिन वह भी पानी के तेज बहाव और गहराई में फंस गया। ग्रामीणों ने शुरू किया बचाव अभियान घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीण और गोताखोर मौके पर पहुंच गए। काफी प्रयासों के बाद एक युवक और एक किशोर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन दोनों सगे भाई गहरे पानी में समा गए। सूचना पर पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से खोजबीन शुरू की गई। घंटों चले रेस्क्यू अभियान के बाद दोनों किशोरों के शव बरामद कर लिए गए। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ मृतक राजन यादव जीवन ज्योति पब्लिक स्कूल, भीरपुर में कक्षा आठ का छात्र था, जबकि उसका छोटा भाई अभिषेक यादव कक्षा छह में अध्ययनरत था। दोनों भाइयों की असामयिक मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। पिता चालक का कार्य करते हैं, जबकि मां ममता देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार में एक अन्य भाई अनुराग भी है। गांव वालों के अनुसार दोनों बच्चे बेहद मिलनसार और सरल स्वभाव के थे। पुलिस ने दी जानकारी एसीपी करछना सुनील कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची थी। स्थानीय गोताखोरों की सहायता से दोनों किशोरों के शवों को बाहर निकाला गया। पुलिस के अनुसार परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और आवश्यक औपचारिकताओं के बाद शवों को अंतिम संस्कार के लिए अपने साथ ले गए। वायरल फैक्ट घटना के बाद सोशल मीडिया पर मनैया घाट की तस्वीरें और जानकारी तेजी से वायरल हो रही है। लोग गहरे जल क्षेत्रों में सुरक्षा इंतजामों की कमी और चेतावनी संकेतकों की आवश्यकता पर सवाल उठा रहे हैं। मनैया घाट पर हुआ यह हादसा एक बार फिर जलाशयों और नदियों में स्नान के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की अहमियत को सामने लाता है। दो मासूम भाइयों की मौत ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। यह घटना परिवारों, प्रशासन और समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है कि नदी घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और जनजागरूकता को और मजबूत किया जाए। संदेश:"एक छोटी सी सावधानी कई जिंदगियां बचा सकती है। जल सुरक्षा केवल प्रशासन की नहीं, समाज की भी सामूहिक जिम्मेदारी है।" 👇👇 #PrayagrajNews #Karchhana #GangaRiver #ManyaGhat #DrowningCase #AccidentNews #UPPolice #PrayagrajPolice #ACPKarchhana 👇👇👇👇 @dgpup @UPGovt @RSSorg @Uppolice @wpl1090 @RSSgeet @MIB_India @PMOIndia @HMOIndia @VHPDigital @CMOUP_RC @myogioffice @InfoDeptUP @CMOfficeUP @ChiefSecyUP @MahantYogiG @ChiefSecyUP @BajrangDalOrg @myogiadityanath @112UttarPradesh @UPPViralCheck @UpPolicemitra @prayagraj_pol @ADGZonPrayagraj @DM_PRAYAGRAJ @CommissionerPrg @NigamPrayagraj @Prayagraj_TP @PROdefprayagraj 👇👇 🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा मुख्य संपादक/संस्थापक:राजन सिंह हाड़ा सह-संपादक:शालिनी सिंह भदौरिया ✒️ रिपोर्ट:राजेश सोनकर 📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, पूर्वी दिल्ली, पिन कोड – (110092) (NCR) 📍 कार्यालय-2: विधानसभा रोड, बर्लिंगटन चौराहा, लखनऊ (226001) (UP) 📍 कार्यालय-1: 1/1 अटल बिहारी चौराहा, नियर बर्मा चौराहा, फतेहपुर (212601) (UP) 📅 दिनांक: 09 जून 2026 📆 दिन: मंगलवार 📧 Email: ndnewschannel@gmail.com 📞 मोबाइल: 9696119696 👇👇👇 अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय जानकारी, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान एवं पुलिस द्वारा साझा तथ्यों पर आधारित है। किसी भी अतिरिक्त तथ्य या जांच रिपोर्ट के आधार पर स्थिति में परिवर्तन संभव है।

Fatehpur, Fatehpur | Jun 9, 2026

सरकारी योजनाओं का झांसा, महिलाओं के नाम पर खुले फर्जी खाते

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प्रयागराज के घूरपुर क्षेत्र से साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर दर्जनों महिलाओं के दस्तावेजों का कथित रूप से दुरुपयोग कर उनके नाम पर बैंक खाते खोले गए और लाखों रुपये के संदिग्ध लेनदेन किए गए। मामला उजागर होने के बाद पीड़ित महिलाओं और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

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2 से 5 लाख रुपये तक के लेनदेन की जानकारी

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शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि इंडियन बैंक, फिनो बैंक, बंधन बैंक और जियो पेमेंट्स बैंक के माध्यम से संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों को अंजाम दिया गया। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

साइबर क्राइम टीम को सौंपी गई जांच

पीड़ित महिलाओं तथा अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा (एआईकेएमएस) के प्रतिनिधियों ने पुलिस अधिकारियों को शिकायत देकर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। इसके बाद साइबर क्राइम इंस्पेक्टर घनश्याम यादव को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

संगठन के पदाधिकारियों ने मांग की है कि महिलाओं के आधार कार्ड से जुड़े सभी संदिग्ध बैंक खाते और सिम कार्ड तत्काल बंद किए जाएं तथा पूरे नेटवर्क की जांच कर दोषियों को गिरफ्तार किया जाए।

महिलाओं में भय और आक्रोश

मामला सामने आने के बाद प्रभावित गांवों में महिलाओं के बीच भय और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कई महिलाएं आशंकित हैं कि उनके नाम का इस्तेमाल भविष्य में किसी और वित्तीय या कानूनी गतिविधि में न किया जाए।

स्थानीय सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित महिलाओं को कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा साइबर अपराधियों के खिलाफ उदाहरणात्मक कार्रवाई की जाए।

वायरल फैक्ट

सोशल मीडिया पर यह मामला तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कैसे ग्रामीण महिलाओं के आधार कार्ड और दस्तावेजों का उपयोग कर लाखों रुपये के लेनदेन किए गए और लंबे समय तक इसकी जानकारी संबंधित खाताधारकों को नहीं हो सकी।

घूरपुर का यह मामला डिजिटल युग में पहचान संबंधी दस्तावेजों की सुरक्षा और साइबर जागरूकता की आवश्यकता को एक बार फिर सामने लाता है। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह केवल वित्तीय धोखाधड़ी का मामला नहीं बल्कि गरीब और ग्रामीण महिलाओं के विश्वास के साथ किया गया गंभीर अपराध होगा। अब सभी की निगाहें साइबर जांच टीम की रिपोर्ट और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।

ND NEWS की अपील

🔹 किसी भी सरकारी योजना के नाम पर अपने आधार कार्ड, बैंक दस्तावेज या ओटीपी किसी अज्ञात व्यक्ति को न दें।
🔹 समय-समय पर अपने बैंक खातों और आधार से जुड़े मोबाइल नंबर की जांच अवश्य करें।
🔹 जन सेवा केंद्र या बैंक में जाकर आधार सीडिंग और खाते की स्थिति की जानकारी लेते रहें।
🔹 साइबर अपराध की जानकारी मिलते ही तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाना में शिकायत करें।
🔹 प्रशासन और बैंकिंग संस्थान ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर जागरूकता अभियान चलाएं ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

ND NEWS संदेश:
"डिजिटल सुविधा तभी सुरक्षित है जब नागरिक जागरूक हों और संस्थाएं जवाबदेह। साइबर अपराध के खिलाफ सामूहिक सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है।"
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सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया
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अस्वीकरण: यह समाचार शिकायतकर्ताओं एवं उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। मामले की जांच साइबर क्राइम विभाग द्वारा की जा रही है। अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट और सक्षम प्राधिकारी के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होंगे।

सरकारी योजनाओं का झांसा, महिलाओं के नाम पर खुले फर्जी खाते आधार कार्ड के दुरुपयोग से लाखों रुपये के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा घूरपुर में 50 से अधिक महिलाएं साइबर जालसाजी की शिकार, जांच शुरू ✒️रिपोर्ट सुनील यादव प्रयागराज के घूरपुर क्षेत्र से साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर दर्जनों महिलाओं के दस्तावेजों का कथित रूप से दुरुपयोग कर उनके नाम पर बैंक खाते खोले गए और लाखों रुपये के संदिग्ध लेनदेन किए गए। मामला उजागर होने के बाद पीड़ित महिलाओं और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। सरकारी योजनाओं के नाम पर रचा गया साइबर जाल प्राप्त जानकारी के अनुसार, घूरपुर क्षेत्र के बिरवल, कंजासा और जगदीशपुर गांवों की 50 से अधिक महिलाओं ने आरोप लगाया है कि सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के बहाने उनके आधार कार्ड और व्यक्तिगत दस्तावेज एकत्र किए गए। बाद में उन्हीं दस्तावेजों का उपयोग कर उनके नाम पर सिम कार्ड जारी किए गए तथा विभिन्न बैंकों में खाते संचालित किए गए। मामले का खुलासा तब हुआ जब कुछ महिलाएं जन सेवा केंद्र पर बैंकिंग कार्य कराने पहुंचीं। आधार सत्यापन के दौरान उन्हें पता चला कि उनके नाम से पहले से खाते संचालित हैं और उनमें लाखों रुपये का लेनदेन दर्ज है। 2 से 5 लाख रुपये तक के लेनदेन की जानकारी जांच के दौरान सामने आया कि कई महिलाओं के खातों में 2 लाख से 5 लाख रुपये तक की रकम जमा हुई और तुरंत निकासी भी कर ली गई। महिलाओं का कहना है कि उन्हें इन खातों, लेनदेन या बैंकिंग गतिविधियों की कोई जानकारी नहीं थी। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि इंडियन बैंक, फिनो बैंक, बंधन बैंक और जियो पेमेंट्स बैंक के माध्यम से संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों को अंजाम दिया गया। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। साइबर क्राइम टीम को सौंपी गई जांच पीड़ित महिलाओं तथा अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा (एआईकेएमएस) के प्रतिनिधियों ने पुलिस अधिकारियों को शिकायत देकर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। इसके बाद साइबर क्राइम इंस्पेक्टर घनश्याम यादव को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। संगठन के पदाधिकारियों ने मांग की है कि महिलाओं के आधार कार्ड से जुड़े सभी संदिग्ध बैंक खाते और सिम कार्ड तत्काल बंद किए जाएं तथा पूरे नेटवर्क की जांच कर दोषियों को गिरफ्तार किया जाए। महिलाओं में भय और आक्रोश मामला सामने आने के बाद प्रभावित गांवों में महिलाओं के बीच भय और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कई महिलाएं आशंकित हैं कि उनके नाम का इस्तेमाल भविष्य में किसी और वित्तीय या कानूनी गतिविधि में न किया जाए। स्थानीय सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित महिलाओं को कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा साइबर अपराधियों के खिलाफ उदाहरणात्मक कार्रवाई की जाए। वायरल फैक्ट सोशल मीडिया पर यह मामला तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कैसे ग्रामीण महिलाओं के आधार कार्ड और दस्तावेजों का उपयोग कर लाखों रुपये के लेनदेन किए गए और लंबे समय तक इसकी जानकारी संबंधित खाताधारकों को नहीं हो सकी। घूरपुर का यह मामला डिजिटल युग में पहचान संबंधी दस्तावेजों की सुरक्षा और साइबर जागरूकता की आवश्यकता को एक बार फिर सामने लाता है। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह केवल वित्तीय धोखाधड़ी का मामला नहीं बल्कि गरीब और ग्रामीण महिलाओं के विश्वास के साथ किया गया गंभीर अपराध होगा। अब सभी की निगाहें साइबर जांच टीम की रिपोर्ट और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। ND NEWS की अपील 🔹 किसी भी सरकारी योजना के नाम पर अपने आधार कार्ड, बैंक दस्तावेज या ओटीपी किसी अज्ञात व्यक्ति को न दें। 🔹 समय-समय पर अपने बैंक खातों और आधार से जुड़े मोबाइल नंबर की जांच अवश्य करें। 🔹 जन सेवा केंद्र या बैंक में जाकर आधार सीडिंग और खाते की स्थिति की जानकारी लेते रहें। 🔹 साइबर अपराध की जानकारी मिलते ही तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाना में शिकायत करें। 🔹 प्रशासन और बैंकिंग संस्थान ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर जागरूकता अभियान चलाएं ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। ND NEWS संदेश: "डिजिटल सुविधा तभी सुरक्षित है जब नागरिक जागरूक हों और संस्थाएं जवाबदेह। साइबर अपराध के खिलाफ सामूहिक सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है।" 👇👇👇 #NDNews #दैनिकनिष्पक्षधारा #PrayagrajNews #Ghoorpur #CyberCrime #CyberFraud #AadhaarMisuse #WomenSafety #DigitalFraud #CyberAwareness #UPPolice #NDNewsChannel 👇👇 👇👇👇👇 @dgpup @UPGovt @RSSorg @Uppolice @wpl1090 @RSSgeet @MIB_India @PMOIndia @HMOIndia @VHPDigital @CMOUP_RC @myogioffice @InfoDeptUP @CMOfficeUP @UPPRD1948 @ChiefSecyUP @MahantYogiG @ChiefSecyUP @BajrangDalOrg @myogiadityanath @112UttarPradesh @UPPViralCheck @UpPolicemitra @prayagraj_pol @ADGZonPrayagraj @DM_PRAYAGRAJ @CommissionerPrg @NigamPrayagraj @Prayagraj_TP @PROdefprayagraj @Cyberdost @Igrs_up @_DigitalIndia 👇👇 🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा मुख्य संपादक / संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया 📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, पूर्वी दिल्ली, पिन कोड – (110092) (NCR) 📍 कार्यालय-2: विधानसभा रोड, बर्लिंगटन चौराहा, लखनऊ (226001) (UP) 📍 कार्यालय-1: 1/1 अटल बिहारी चौराहा, नियर बर्मा चौराहा, फतेहपुर (212601) (UP) 📅 दिनांक: 09 जून 2026 📆 दिन: मंगलवार 📧 Email: ndnewschannel@gmail.com 📞 मोबाइल: 9696119696 👇👇👇 अस्वीकरण: यह समाचार शिकायतकर्ताओं एवं उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। मामले की जांच साइबर क्राइम विभाग द्वारा की जा रही है। अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट और सक्षम प्राधिकारी के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होंगे।

Fatehpur, Fatehpur | Jun 9, 2026

सीएचसी से 100 मीटर दूर तड़पता रहा मरीज, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

पत्नी का आरोप: भर्ती नहीं किया, बाहर जांच कराने को कहा

वायरल वीडियो के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली चर्चा में

रिपोर्ट राजेश सोनकर

प्रयागराज के जसरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से जुड़ा एक मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोप है कि गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचे एक मरीज को तत्काल भर्ती नहीं किया गया, जिसके बाद वह अस्पताल से कुछ दूरी पर सड़क किनारे घंटों तक तड़पता रहा। घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और अस्पताल प्रबंधन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने आरोपों से इनकार करते हुए अपना पक्ष भी रखा है।

सीएचसी जसरा के बाहर सड़क किनारे पड़ा रहा मरीज

प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रयागराज जनपद के कचरा मानपुर गांव निवासी 56 वर्षीय राकेश शुक्ला की तबीयत बिगड़ने पर उनकी पत्नी कमल शुक्ला उन्हें मंगलवार सुबह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसरा लेकर पहुंचीं। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सकीय जांच के बाद मरीज को भर्ती करने के बजाय कुछ दवाइयां और अल्ट्रासाउंड जांच लिखकर बाहर भेज दिया गया।

पीड़िता का कहना है कि चिकित्सकों द्वारा बताया गया कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध नहीं है और जांच बाहर से करानी होगी। आर्थिक तंगी के कारण वह निजी जांच कराने में असमर्थ थीं।

तीन घंटे तक मदद की गुहार लगाती रही पत्नी

परिजनों के अनुसार अस्पताल से बाहर निकलते ही राकेश शुक्ला की तबीयत और बिगड़ गई। उनकी पत्नी उन्हें अस्पताल से लगभग 100 मीटर दूर सड़क किनारे स्थित एक टीनशेड के नीचे लिटाकर सहायता मांगती रहीं।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मरीज करीब तीन घंटे तक वहीं पड़ा रहा। बाद में स्थानीय लोगों ने मानवता दिखाते हुए मरीज को दोबारा अस्पताल पहुंचाया और भर्ती कराया।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में नाराजगी देखी जा रही है और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप

कमल शुक्ला का कहना है कि यदि उनके पास निजी इलाज और जांच कराने के लिए पर्याप्त धन होता तो उन्हें सरकारी अस्पताल का सहारा नहीं लेना पड़ता। उनका आरोप है कि समय रहते समुचित उपचार और भर्ती की व्यवस्था होती तो उन्हें इस स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता।

अस्पताल प्रशासन ने दी सफाई

मामले में सीएचसी जसरा के कार्यवाहक अधीक्षक डॉ. सुरेश प्रसाद ने बताया कि मरीज प्रोस्टेट संबंधी समस्या से पीड़ित था। प्रारंभिक जांच के बाद दवाइयां दी गईं और आगे की जांच के लिए स्वरूपरानी अस्पताल भेजा गया था।

उन्होंने कहा कि मरीज स्वयं अस्पताल परिसर से बाहर गया था। अस्पताल प्रशासन ने भर्ती न करने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि आवश्यकता होने पर मरीज पुनः चिकित्सकीय परामर्श ले सकता था। वायरल पर्चे पर कथित रूप से लिखे गए "रेफर" संबंधी बिंदु पर उन्होंने कहा कि दस्तावेज देखने के बाद ही स्पष्ट टिप्पणी की जा सकती है।

वायरल फैक्ट

घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में मरीज सड़क किनारे लेटा दिखाई दे रहा है, जबकि उसकी पत्नी सहायता की गुहार लगाती नजर आ रही है। वीडियो सामने आने के बाद आम नागरिकों ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और संवेदनशीलता पर सवाल उठाए हैं।

यह मामला केवल एक मरीज की पीड़ा तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और संवेदनशीलता पर व्यापक चर्चा को जन्म देता है। जहां एक ओर परिजन लापरवाही के आरोप लगा रहे हैं, वहीं अस्पताल प्रशासन अपने स्तर पर उपचार उपलब्ध कराने की बात कह रहा है। अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मामले की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और जिम्मेदारी किसकी तय होती है।

ND NEWS की अपील

🔹 सरकारी अस्पतालों में आने वाले प्रत्येक गंभीर मरीज की प्राथमिकता के आधार पर जांच और उपचार सुनिश्चित किया जाए।
🔹 आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को उपलब्ध सरकारी सुविधाओं की स्पष्ट जानकारी दी जाए।
🔹 स्वास्थ्य संस्थानों में मानवता और संवेदनशीलता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
🔹 जिला प्रशासन ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कर जनता का विश्वास मजबूत करे।
🔹 मरीज और परिजन भी किसी गंभीर स्थिति में तत्काल 108 एम्बुलेंस एवं संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें।

ND NEWS संदेश:
"स्वास्थ्य सेवा केवल व्यवस्था नहीं, बल्कि मानव जीवन के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का सबसे बड़ा दायित्व है।"
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सीएचसी से 100 मीटर दूर तड़पता रहा मरीज, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल पत्नी का आरोप: भर्ती नहीं किया, बाहर जांच कराने को कहा वायरल वीडियो के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली चर्चा में रिपोर्ट राजेश सोनकर प्रयागराज के जसरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से जुड़ा एक मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोप है कि गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचे एक मरीज को तत्काल भर्ती नहीं किया गया, जिसके बाद वह अस्पताल से कुछ दूरी पर सड़क किनारे घंटों तक तड़पता रहा। घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और अस्पताल प्रबंधन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने आरोपों से इनकार करते हुए अपना पक्ष भी रखा है। सीएचसी जसरा के बाहर सड़क किनारे पड़ा रहा मरीज प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रयागराज जनपद के कचरा मानपुर गांव निवासी 56 वर्षीय राकेश शुक्ला की तबीयत बिगड़ने पर उनकी पत्नी कमल शुक्ला उन्हें मंगलवार सुबह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसरा लेकर पहुंचीं। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सकीय जांच के बाद मरीज को भर्ती करने के बजाय कुछ दवाइयां और अल्ट्रासाउंड 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आधार पर तथ्यों में परिवर्तन संभव है।

Fatehpur, Fatehpur | Jun 9, 2026

🚨 फतेहपुर में सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप! DM से शिकायत, रातों-रात निर्माण का दावा | Hathgaon News

⚠️ फतेहपुर के हथगांव क्षेत्र के सेमरा मानापुर गांव में सरकारी एवं निजी भूमि पर कथित कब्जे का मामला गरमाया, ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से लगाई न्याय की गुहार। वृक्षारोपण हेतु आरक्षित सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण, राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी और दबाव बनाने के आरोपों से क्षेत्र में मची हलचल, अब प्रशासनिक जांच और कार्रवाई पर टिकी सबकी निगाहें।

#Fatehpur #Hathgaon #SemraManapur #LandDispute #GovernmentLand #DMFatehpur #Encroachment #NDNews #UPNews #RevenueDepartment

🚨 फतेहपुर में सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप! DM से शिकायत, रातों-रात निर्माण का दावा | Hathgaon News ⚠️ फतेहपुर के हथगांव क्षेत्र के सेमरा मानापुर गांव में सरकारी एवं निजी भूमि पर कथित कब्जे का मामला गरमाया, ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से लगाई न्याय की गुहार। वृक्षारोपण हेतु आरक्षित सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण, राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी और दबाव बनाने के आरोपों से क्षेत्र में मची हलचल, अब प्रशासनिक जांच और कार्रवाई पर टिकी सबकी निगाहें। #Fatehpur #Hathgaon #SemraManapur #LandDispute #GovernmentLand #DMFatehpur #Encroachment #NDNews #UPNews #RevenueDepartment

Fatehpur, Fatehpur | Jun 9, 2026

बड़े भैया वीर सूबेदार राजेश कुमार जी को अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि - Fatehpur News