छत्तीसगढ़ शासन के निर्देश एवं भू-राजस्व संहिता अधिनियम 1959 में संशोधन के बाद अब अविवादित नामांतरण और बंटवारे के मामलों के निराकरण का अधिकार ग्राम पंचायतों को सौंप दिया गया है। इसी क्रम में बालोद जिले की सभी ग्राम पंचायतों के सचिवों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, ताकि वे अपने क्षेत्राधिकार में राजस्व संबंधी कार्यों का सुचारु संचालन कर सकें।