भोपाल में देसी पटाखा गन से अब तक 150 से अधिक लोगों की आंखें जल चुकी हैं, जिनमें ज्यादातर 7 से 14 साल के बच्चे शामिल हैं। गांधी मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग में 36 मरीज भर्ती हैं, 15 की सर्जरी हो चुकी है। दो बच्चों की आंखों में डॉक्टरों ने एमनियोटिक मेम्ब्रेन लगाई है, जो प्रसव के दौरान गर्व से निकलने वाली झिल्ली होती है|