आज़मगढ़: दया के नाम पर दारू का खेल, भिक्षाटन की आड़ में नशा, जहानागंज की सड़क पर गिरा इंसान और समाज का टूटा भरोसा चर्चा का विषय
सड़क पर पड़े एक व्यक्ति की तस्वीर बल्कि समाज की उस उलझन की है जहां दया और दुविधा आमने-सामने खड़ी है एक अधेड़ व्यक्ति जो दिन भर भिक्षाटन करता है गरीबों के नाम पर लोगों की सहानुभूति बटोरता है शाम ढलते ही शराब के नशे में इस कदर मदहोश हो जाता है कि सड़क ही उसका बिस्तर बन जाती है ना तन पर ढंग के कपड़े ना सर पर छत पर नशे की लत ने इंसानियत की करुणा पर सवालखड़े कर