खोखा गांव में आयोजित दो दिवसीय महर्षि मेंही सत्संग का समापन शनिवार को चार बजे हो गया। इस अवसर पर संत बिमलानंद जी महाराज ने कहा कि ईश्वर के भक्ति से ही सुख और शांति मिलती है। ईश्वर के भक्ति में लीन हो जाने को ही साधना कहा जाता है। सच्चे भक्त वह है, जो दुसरे के सुख में अपना सुख तलाशते हैं। और दुसरे के दुख में अपनी पीङा समझते हैं।