जसवंतनगर: जसवंत नगर के इमामबाड़ों से निकला ताजियों का जुलूस, 'या हुसैन' के नारों की गूंज रही जसवंतनगर की सड़कों पर
इमामबाड़ों से ताजिया जुलूस श्रद्धा के साथ निकले। "या हुसैन" के नारों से पूरा शहर गूंज उठा। दोनों समुदायों ने भाईचारे की मिसाल पेश की। सराय खाम की फारुकी कमेटी का 150 किलो वजनी, 7 फीट पीतल का ताजिया मुख्य आकर्षण रहा। ईदगाह के पेश इमाम हाफिज शमीउद्दीन फारुकी ने कहा -हजरत इमाम हुसैन की शहादत त्याग और इंसाफ की मिसाल है, मुहर्रम अमन-मोहब्बत का पैगाम देता है।