बुधवार को शाम 5:00 बजे मकर संक्रांति के दिन आदिवासी बहुल धोबना, बरमसिया, बाघाशोला, ताराबाद, कालीपाथर सहित प्रखंड क्षेत्र के तमाम आदिवासी गांवों मे मनाया जा रहा पांच दिवसीय महापर्व सोहराय सामूहिक शिकार जिसे सेंदरा कहते हैं के साथ धुमधामपुर्वक सम्पन्न हो गया। महापर्व सोहराय प्रकृति पुजा के साथ साथ भाई बहन के प्रेम का प्रतीक है। महापर्व के पांचो दिन अलग अलग-अलग