प्रखंड क्षेत्र के किसानों को सरकारी नलकूप का लाभ नहीं मिल रहा है ।निजी बोरिंग से पानी पटवन कर कर किसान खेती कर रहे हैं। वहीं सरकारी नलकूप शोभा की वस्तु बना है। बताया जाता है कि 5 साल पहले प्रखंड क्षेत्र की हर पंचायत में करोड़ों की लागत से इसका जीर्णोद्धार कराया गया था लेकिन अब यह फिर से कबाड़ की ढेर में तब्दील हो रहा है।