उत्तराखंड के सरकारी गोदामों में चावल की कमी के कारण स्कूलों में बच्चों को मिड डे मील नहीं मिल पा रहा है, जिससे वे भूखे रहने को मजबूर हैं। चावल की अनुपलब्धता के कारण बच्चों के पोषण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और उनकी शिक्षा भी प्रभावित हो रही है। सरकार को इस समस्या का तत्काल समाधान निकालने की आवश्यकता है ताकि बच्चों को नियमित रूप से भोजन मिल सके।