डीडवाना के छोटी खाटू में आज आध्यात्मिक और सामाजिक मूल्यों का अनूठा संगम देखने को मिला। संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने आचार्य महाश्रमण का आशीर्वाद लिया। इस दौरान आयोजन समिति द्वारा संघ प्रमुख का स्वागत अभिनंदन किया गया। संघ प्रमुख ने कहा कि दुनिया को संस्कृत करना कि भारत का दायित्व है। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य दुनिया को जितना नहीं बल्कि आचरण दिखाना है।