सरदारशहर के गणेशाराम जी की बाड़ी में चल रही श्रीमद् भागवत कथा सातवें दिन संपन्न हो गई, इस अवसर पर सातवें दिन कथा वाचक पंकज धातीच ने कहा कि मनुष्य स्वंय को भगवान बनाने के बजाय प्रभु का दास बनने का प्रयास करें, क्योंकि भक्ति भाव देख कर जब प्रभु में वात्सल्य जागता है तो वे सब कुछ छोड़ कर अपने भक्तरूपी संतान के पास दौड़े चले आते हैं। गृहस्थ जीवन में मनुष्य तनाव म