अगर हमारे कारण माता-पिता की आँखों में आँसू आए तो हमारा जन्म लेना बेकार राष्ट्रसंत श्री ललितप्रभ जी असाड़ी गली में घर को कैसे स्वर्ग बनाएं- विषय पर प्रवचन सुनकर श्रद्धालुओं की आंखें हुई नम, हजारों लोगों ने माता-पिता की सेवा करने का लिया संकल्प राष्ट्रसंत महोपाध्याय श्री ललितप्रभ सागरजी महाराज ने कहा कि जहां हम आधा-एक घंटा जाते हैं,उसे तो मंदिर मानते हैं,पर