राष्ट्रीय हनुमान दल ने रविवार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर भारत में “बाबर” नाम से जुड़े किसी भी निर्माण का विरोध किया। संगठन ने बाबर को विदेशी आक्रांता बताते हुए कहा कि उसके शासन में सांस्कृतिक व धार्मिक क्षति हुई। मुर्शिदाबाद में प्रस्तावित निर्माण पर आपत्ति जताते हुए रोक, निष्पक्ष जांच और राष्ट्रीय दिशा-निर्देश की मांग की गई।