कोंडागांव: बस्तर पंडुम के तीसरे दिन बिखरी जनजातीय व्यंजनों की छटा,जनजातीय नाट्य और शिल्पकला में दिखी बस्तर की संस्कृति
बस्तर की जनजातीय संस्कृति के विभिन्न कलाओं के प्रदर्शन के साथ तीन दिवसीय विकासखण्ड स्तरीय बस्तर पण्डुम का बुधवार की शाम 6 बजे भव्य समापन हुआ।कोण्डागांव के स्थानीय ऑडीटोरियम में आयोजित बस्तर पण्डुम के तीसरे और अंतिम दिन जनजातीय नाट्य,शिल्प कला एवं चित्रकला के प्रदर्शन और जनजातीय पेय पदार्थों एवं व्यंजनों की प्रदर्शनी लगाई गई।