दुद्धी तहसील क्षेत्र अपनी समृद्ध आदिवासी संस्कृति और अनोखी परंपराओं के लिए जाना जाता है। इसी सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण है सीमावर्ती गांव बैरखड़, जहां होली की रंगत पूरे इलाके से अलग दिखाई देती है। छत्तीसगढ़ और झारखंड की सीमा से सटे इस आदिवासी बाहुल्य गांव में हर साल तय तिथि से चार दिन पहले होली मनाई जाती है।