आयोजित इन आयोजनों में 1 लाख से अधिक लोगों ने मिट्टी और पानी संरक्षण की शपथ ली।इस वर्ष की थीम "स्वस्थ मृदा – समृद्ध धरती, खुशहाल गांव और शहर" के तहत जागरूकता रैलियां, संवाद कार्यक्रम, मिट्टी पूजा और कृषि सामग्री के साथ सहभागिता जैसे आयोजन हुए।वागधारा संस्था के सचिव जयेश जोशी ने आज परंपरागत खेती, जैविक खाद और केंचुआ खाद को पुनर्जीवित करने के उपाय बताएं।