क्या सिर्फ 2 मिनट की देरी किसी छात्रा के पूरे एक साल की मेहनत से बड़ी हो सकती है?
NEET परीक्षा देने पहुंची एक छात्रा को मात्र 2 मिनट देर होने के कारण परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। केंद्र के बाहर पिता और बेटी की बेबसी, दर्द और आंसू व्यवस्था पर कई सवाल खड़े करते हैं।
एक तरफ पेपर लीक जैसी गंभीर घटनाओं का समाधान आज तक नहीं हो पाता, दूसरी तरफ एक मेहनती छात्रा को सिर्फ 2 मिनट की देरी के लिए परीक्षा से वंचित कर दिया जाता है। नियम जरूरी हैं, लेकिन नियमों में मानवीय संवेदना भी होनी चाहिए।
यह सिर्फ एक छात्रा की कहानी नहीं, बल्कि उन लाखों युवाओं की पीड़ा है जो अपने सपनों के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं। आखिर कब व्यवस्था में संवेदनशीलता और न्याय का संतुलन देखने को मिलेगा?
#NEET
Deoria, Deoria | Jun 22, 2026