राणा प्रताप सागर बांध बनने के बाद नागणी के विस्थापितों को नई बसाहट तो मिल गई, पर अधिकार आज तक अधूरे हैं। 65 वर्षों से न पट्टे मिले, न भूमि दस्तावेज, न राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नाम। सोमवार को ग्रामीण ट्रैक्टर–टॉलियों के साथ नारेबाजी करते हुए SDM ऑफिस पहुंचे और वन विभाग की सुरक्षा दीवार निर्माण को भी बड़ा मुद्दा बनाया। ग्रामीणों ने सोमवार शाम 4 बजे बताया कि सरक