दारू, टाटीझरिया और विष्णुगढ़ प्रखंड क्षेत्र में प्रकृति का श्रृंगार और परंपराओं की बहार, धरा पर उतरा फागुन का सतरंगी उल्लास। अनूठी लोक रीति: मायके में दुल्हन और ससुराल की चौखट पर दूल्हा मनाते हैं अपनी पहली होली। अंगारा सेमल हुआ, वन में खिला पलाश... मन के उपवन में उठी, भीनी मन्द-सुवास... फागुन की जीवंतता इन दिनों क्षेत्र की वादियों में साफ देखी जा सकती है।