भालूमुण्डा की बेसहारा महिला को एक साल छह माह बाद भी नहीं मिली पेंशन, सरपंच-सचिव पर उदासीनता का आरोप मंगलवार की शाम करीब 5 बजे भालूमुण्डा निवासी दमनिका कुजूर की कहानी सरकारी संवेदनहीनता की एक दर्दनाक तस्वीर पेश करती है। अपने बेटे को खोने के बाद दमनिका पूरी तरह बेसहारा हो गई हैं। उन्होंने कई बार पंचायत के सरपंच और सचिव के पास शिकायत व आवेदन लेकर गुहार लगाई, ल