शौर्य दिवस के अवसर पर नगर क्षेत्र में स्वयंसेवकों ने दंड प्रहार के माध्यम से शौर्य, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का अभ्यास किया। इस दौरान 16 दिसंबर के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला गया, जिसमें साहिबज़ादे बाबा ज़ोरावर सिंह और बाबा फ़तेह सिंह के अद्वितीय बलिदान तथा 1971 के भारत–पाक युद्ध में भारत की ऐतिहासिक विजय को स्मरण किया गया।