16 दिसंबर दिन मंगलवार शाम 7:00 बजे इस दौरान किसानों की आशंकाओं जल संसाधनों पर संभावित प्रभाव पर्यावरण संतुलन तथा स्थानीय जन भावनाओं को लेकर विस्तृत और गंभीर चर्चा की गई है। सांसदों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि किसानों के हित ,पर्यावरण की सुरक्षा क्षेत्र की जल सुरक्षा से कोई समझौता स्वीकार नहीं है।